
New Delhi, 9 अगस्त . ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ की वर्षगांठ पर उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ सहित कई नेताओं ने क्रांतिकारियों को नमन किया है. 9 अगस्त 1925 को Lucknow के पास काकोरी गांव में क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश Government का खजाना लूटकर स्वतंत्रता संग्राम के लिए हथियार खरीदने और धन जुटाने के लिए इस कार्य को अंजाम दिया था.
Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने क्रांतिकारियों को नमन करते हुए social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ की वर्षगांठ पर सभी अमर क्रांतिवीरों को नमन. उन्होंने आगे लिखा, “भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में यह ऐतिहासिक घटना अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान का स्वर्णिम अध्याय है, जो हम सभी के मन में ‘देश प्रथम’ की भावना सदैव प्रज्वलित करती रहेगी.”
दिल्ली की Chief Minister रेखा गुप्ता ने social media पर लिखा, “काकोरी ट्रेन एक्शन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उस अदम्य साहस का प्रतीक है, जिसने ब्रिटिश सत्ता को India के क्रांतिकारी संकल्प की शक्ति का परिचय कराया. इस ऐतिहासिक दिवस पर मां भारती की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले सभी वीर क्रांतिकारियों को कोटिशः नमन. उनका साहस और राष्ट्रभक्ति सदैव देशवासियों को राष्ट्र प्रथम के भाव से प्रेरित करती रहेगी.”
Rajasthan के Chief Minister भजनलाल शर्मा ने लिखा, “राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अंग्रेजी शासन की नींव को चुनौती देने वाले ऐतिहासिक काकोरी ट्रेन एक्शन की वर्षगांठ पर इसके सभी अमर क्रांतिकारियों को सादर नमन! उनका अदम्य पराक्रम, अटूट राष्ट्रनिष्ठा और स्वतंत्र India का स्वप्न आज भी हम सभी को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता है.”
Madhya Pradesh के Chief Minister मोहन यादव ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “काकोरी ट्रेन एक्शन स्वतंत्रता संग्राम का वह साहसिक अध्याय है, जब क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष को नई ऊर्जा दी. इस ऐतिहासिक कार्रवाई के वीर सपूतों का साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति देशवासियों के लिए गौरव का विषय रहेगा. अमर क्रांतिकारियों को सादर नमन करता हूं.”
उत्तर प्रदेश के उपChief Minister केशव प्रसाद मौर्य ने social media पर लिखा, “अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला देने वाले ऐतिहासिक ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ की वर्षगांठ पर मां भारती के सभी अमर क्रांतिवीरों को कोटि-कोटि नमन! इस ऐतिहासिक घटना ने ब्रिटिश सत्ता को खुली चुनौती देकर स्वाधीनता संग्राम को नई गति दी. मां भारती की स्वतंत्रता के लिए क्रांतिकारियों का अदम्य साहस, त्याग और बलिदान सदैव राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता रहेगा.”
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एसडी/एएस
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