
New Delhi, 10 जून . दिल्ली के पालम विलेज थाना क्षेत्र में दर्ज चोरी के मामले में अदालत ने घटना के मात्र 29 दिनों के भीतर दो लोगों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है. खास बात यह है कि गिरफ्तारी के 11वें दिन और ट्रायल शुरू होने के केवल 6 दिन के भीतर ही यह फैसला आ गया.
यह मामला 12 मई 2026 को दर्ज किया गया था. शिकायत के अनुसार, राज नगर-2 इलाके के एक घर से पानी के दो मोटर चोरी कर लिए गए थे. मामले की जांच पालम विलेज थाने के एएसआई नित्यानंद को सौंपी गई. उन्होंने स्थानीय स्तर पर पूछताछ, तकनीकी विश्लेषण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की.
जांच के दौरान 30 मई 2026 को दो आरोपियों प्रिंस, निवासी India विहार, दिल्ली और गौतम उर्फ शंकर, निवासी महावीर एन्क्लेव पार्ट-3, New Delhi को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में दोनों ने चोरी की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली. उनकी निशानदेही पर Police ने चोरी किया गया एक मोटर, वारदात में इस्तेमाल औजार और अपराध को अंजाम देने में प्रयुक्त स्कूटर बरामद किया.
Police के अनुसार, मामले की जांच को मजबूत तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों का समर्थन मिला. इनमें cctv फुटेज, चोरी किए गए सामान की बरामदगी, अपराध में प्रयुक्त उपकरण, वाहन की जब्ती और अन्य दस्तावेजी प्रमाण शामिल थे. इन ठोस साक्ष्यों के आधार पर 4 जून 2026 को अदालत में मजबूत चार्जशीट दाखिल की गई.
मामले की सुनवाई द्वारका कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) सौरभ गोयल की अदालत में हुई. अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक (एपीपी) विकास खर्ब और सुधांशु सैनी ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा, जिसके परिणामस्वरूप अदालत ने 9 जून 2026 को दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई.
इस मामले को पालम विलेज थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर सुधीर कुमार गुलिया के नेतृत्व तथा एसीपी दिल्ली कैंट अनिल कुमार की निगरानी में सफलतापूर्वक सुलझाया गया. नायब कोर्ट एएसआई नवरत्न ने भी जांच और अभियोजन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण सहयोग दिया.
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एससीएच/
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