
चेन्नई, 15 जुलाई . ‘वी द लीडर्स’ के प्रमुख के. अन्नामलाई ने के. कामराज की जयंती पर उनको याद किया. उन्होंने बयान जारी कर कहा, “कामराज विरुधुनगर से थे और उन्हें उच्च शिक्षा हासिल करने का मौका नहीं मिला था. फिर भी, Chief Minister के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान कर्मवीर के. कामराज ने ही India के इतिहास में शिक्षा की सबसे मजबूत नींव रखी थी.”
अन्नामलाई ने बयान में आगे कहा, “जब 1954 में कामराज Chief Minister बने, तो तमिलनाडु में सिर्फ 45 प्रतिशत बच्चे ही स्कूल जाते थे. 1963 में जब उन्होंने पद छोड़ा, तब तक यह आंकड़ा बढ़कर 80 प्रतिशत हो गया था.
कामराज के सत्ता में आने से पहले, स्कूलों में सिर्फ 3.33 लाख छात्र ही नामांकित थे. उनके कार्यकाल के अंत तक, स्कूल में नामांकन बढ़कर लगभग 9.46 लाख छात्र हो गया था.”
उन्होंने कहा, “आज का कोई भी Chief Minister डेटा के साथ ऐसी ठोस और प्रभावशाली उपलब्धियों के बारे में बात नहीं कर सकता. कर्मवीर के. कामराज का जन्म 1902 में हुआ था, अगर आज जीवित होते तो 124 साल के होते. उनका निधन 1975 में हुआ था. कामराज एक महान नेता थे जिन्होंने अपना जीवन तमिलनाडु के लोगों के लिए समर्पित कर दिया. उनका जन्म ऐसे समय में हुआ था जब देश में आजादी की चाहत अपने चरम पर थी.”
अन्नामलाई ने कहा, “जिस तरह उन्होंने नौ साल तक Chief Minister के तौर पर सेवा की, उसी तरह कामराज ने लगभग नौ साल जेल में भी बिताए. उन्हें महात्मा गांधी समेत कई बड़े नेताओं के साथ काम करने और उन्हें करीब से देखने का मौका मिला. 1920 से 1950 के दशक के दौरान, उन्होंने धीरे-धीरे खुद को India के प्रमुख जन-नेताओं में से एक के रूप में ढाला.”
Prime Minister Narendra Modi समेत कई नेताओं ने 124वीं जयंती के अवसर पर के. कामराज को श्रद्धांजलि दी.
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एसडी/पीएम
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