श्रावण शिवरात्रि पर वैष्णव तिलक और ओम से सजे बाबा महाकाल, श्री राम की माला पहन भक्तों को दिए दर्शन

उज्जैन, 11 अगस्त . श्रावण कृष्ण पक्ष त्रयोदसी तिथि, Tuesday को श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल की भस्म आरती की गई. इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बनने के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे.

Tuesday तड़के भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेने के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ बाबा महाकाल के कपाट खोले गए. दिव्य शृंगार और भस्म आरती के बाद जैसे ही श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन हुए, पूरा मंदिर परिसर ‘जय श्री महाकाल’ के उद्घोष से गूंज उठा. मंदिर परिसर घंटियों, शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा.

श्रावण मास की शिवरात्रि के अवसर पर बाबा महाकाल के मस्तक पर वैष्णव तिलक और ओम से शृंगार किया गया. बाबा को श्री राम की माला पहनाई गई. बाबा ने निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए.

महाकाल मंदिर के पट खुलने के साथ ही मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद, और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया. बाबा महाकाल ने मस्तक पर चंद्रमा धारण किया. बाबा महाकाल की पूजा के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम जल अर्पित किया गया. कपूर आरती के बाद बाबा ने नवीन मुकुट धारण किया. इसके बाद झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े और शंखनाद के साथ भस्म आरती की गई.

महाकाल मंदिर के पुजारी ने महाआरती संपन्न कराई. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए. अपने आराध्य देव के दर्शन पाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु बीती रात से ही कतारबद्ध थे. भस्म आरती के दौरान पुरुषों के लिए पारंपरिक धोती-सोला और महिलाओं के लिए साड़ी पहनना अनिवार्य होता है.

एसडी/एएस