कमर्शियल सिलेंडर के दाम कम होने पर राजेंद्र राठौड़ ने कहा-“जनहित के प्रति संवेदनशील है सरकार”

jaipur, 1 जुलाई . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता राजेंद्र सिंह राठौड़ ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कटौती, Actor अजय देवगन की आगामी फिल्म ‘चौहान’ और Prime Minister Narendra Modi के प्रस्तावित Rajasthan दौरे सहित कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी.

19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कमी पर भाजपा के वरिष्ठ नेता राठौड़ ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा कि हाल के वैश्विक हालात के कारण कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई थी. होर्मुज जलडमरूमध्य में उत्पन्न बाधाओं के बावजूद केंद्र Government ने घरेलू बाजार पर कीमतों का बोझ सीमित रखने का प्रयास किया और इस दौरान तेल विपणन कंपनियों ने भी नुकसान उठाया. अब अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों में कुछ सुधार हुआ है, इसलिए Government ने जनहित को ध्यान में रखते हुए कीमतों में राहत देने का फैसला किया है. इसके लिए Prime Minister Narendra Modi का आभार जताता हुई. यह निर्णय आम लोगों की समस्याओं के प्रति Government की संवेदनशीलता को दर्शाता है.

अजय देवगन की आगामी फिल्म ‘चौहान’ को लेकर राठौड़ ने चिंता जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म में इतिहास को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और Rajasthan के गौरवशाली अतीत को कमतर दिखाने का प्रयास किया गया है.

उन्होंने फिल्म निर्माताओं से इतिहास के तथ्यों का सम्मान करने की अपील करते हुए कहा कि इतिहास किसी एक समुदाय का नहीं, बल्कि पूरे Rajasthan , देश और विशेष रूप से राजपूताना की साझा विरासत है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षत्रिय और राजपूत समाज के इतिहास को किसी भी रूप में अपमानजनक या विकृत तरीके से प्रस्तुत करना स्वीकार नहीं किया जाएगा. साथ ही केंद्र और राज्य Government से इस विषय पर गंभीरता से ध्यान देने की मांग की.

Prime Minister Narendra Modi के Rajasthan दौरे और अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगे क्षेत्रों में ‘ज़ीरो-पॉपुलेशन ज़ोन’ बनाए जाने के प्रस्ताव पर राठौड़ ने कहा कि Prime Minister जब भी Rajasthan आते हैं, राज्य के विकास के लिए नई सौगात लेकर आते हैं.

उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था, आधारभूत ढांचे और समग्र विकास में आए बदलाव Prime Minister मोदी और Chief Minister भजन लाल शर्मा के नेतृत्व का परिणाम हैं. सीमा क्षेत्र में शुरुआती 15 किलोमीटर तक ‘ज़ीरो-पॉपुलेशन ज़ोन’ बनाए जाने के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि Rajasthan की 1,066 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा लगातार ड्रोन के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी, जासूसी और अन्य सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रही है. ऐसे में राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस तरह के कदम आवश्यक हैं, भले ही इससे सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को कुछ असुविधाओं का सामना करना पड़े.

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