पहलगाम हमले के एक साल पर विवेक रंजन बोले- कभी नहीं भूलेंगे, कभी माफ नहीं करेंगे

Mumbai , 22 अप्रैल . फिल्म निर्माता-निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री ने पहलगाम हमले की बरसी पर social media के जरिए पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने एक भावुक पोस्ट करते हुए लिखा, “पहलगाम हमले को एक साल, कभी नहीं भूलेंगे, कभी माफ नहीं करेंगे.”

इंस्टाग्राम पर किए पोस्ट में विवेक रंजन ने हमले के उन पीड़ितों को याद किया, जिनकी जान 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में गई. उन्होंने लिखा कि कुछ घाव समय के साथ नहीं भरते. वे उसी जगह पर टिके रहते हैं जहां वे टूटे थे. अग्निहोत्री ने एक नवयुवक नौसेना अधिकारी का जिक्र किया, जो अपनी शादी के मात्र छह दिन बाद हनीमून मनाने पहलगाम गया था. जीवन की नई शुरुआत करने वाला वह युवक कभी घर नहीं लौटा.

उन्होंने Kanpur के एक नौजवान का भी उल्लेख किया, जो कुछ दिनों के लिए घर से निकला और वापस नहीं आया.

विवेक रंजन ने बताया कि अलग-अलग परिवारों से आए 26 निर्दोष लोगों की जान गई, जिससे 26 परिवार पूरी तरह बिखर गए और कई महिलाएं विधवा हो गईं. उन्होंने इस घटना को सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि इंसानियत पर गहरा घाव बताया. उनके अनुसार, इस हमले ने न सिर्फ परिवारों को तोड़ा, बल्कि पूरे देश को दुख और सदमे में डाल दिया.

उन्होंने आतंकवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह सिर्फ लोगों की जान नहीं लेता, बल्कि खामोश पीड़ा छोड़ जाता है. किसी भी विचारधारा या कारण के नाम पर निर्दोषों की हत्या को कभी सही नहीं ठहराया जा सकता.

विवेक अग्निहोत्री ने लिखा कि आतंकवाद सिर्फ लोगों को नहीं मारता, बल्कि बीच में ही जिंदगियों को रोक देता है. यह अधूरी बातें, अधूरे सपने और ऐसे परिवार छोड़ जाता है जिन्हें अब चुपचाप जीना सीखना पड़ता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि आज का दिन सिर्फ याद करने का नहीं है. यह एक दृढ़ संकल्प का दिन है कि कोई भी विचार, कोई भी वजह या कोई भी विश्वास कभी भी निर्दोष लोगों की जान लेने को जायज नहीं ठहरा सकता.

फिल्म निर्माता ने लिखा, “हम उन्हें याद रखने के लिए जिम्मेदार हैं. हम उन्हें इज्जत देने के लिए जिम्मेदार हैं. हम उन्हें एक ऐसी दुनिया देने के लिए ऋणी हैं जो आतंकवाद को नॉर्मल होने से मना करती है.”

पहलगाम हमला 22 अप्रैल 2025 को हुआ था, जिसमें 26 निर्दोष पर्यटक और स्थानीय नागरिक मारे गए थे. यह हमला देश के सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक था.

एमटी/एबीएम