
कोलकाता, 21 अगस्त . टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने मिर्जा गालिब स्ट्रीट पर स्थित एक होटल में लगी भीषण आग, Jharkhand हाई कोर्ट के फैसले सहित कई मामलों पर प्रतिक्रिया दी है.
से बातचीत करते हुए कोलकाता में आग की घटना पर सौगत रॉय ने कहा, “यह बहुत दुखद और दर्दनाक घटना है, जिसमें होटल में ठहरे नौ लोगों की जान चली गई. यह फायर डिपार्टमेंट की लापरवाही की ओर इशारा करता है. Government को इस मामले की जांच करनी चाहिए.”
पूर्व कांग्रेस सांसद और 1984 के सिख-विरोधी दंगों के दोषी सज्जन कुमार के निधन पर टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा, “सज्जन कुमार कांग्रेस के एक अहम नेता थे. बेशक, उन पर इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए सिख-विरोधी दंगों में शामिल होने का आरोप था. इसके अलावा, मैं इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता.”
Jharkhand हाईकोर्ट की ओर से राज्य Government के 11वीं से 13वीं जेपीएससी परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने के आदेश पर रोक लगाने के मामले में सौगत रॉय ने कहा, “मेरा मानना है कि हाई कोर्ट को अपना फैसला सुनाने का अधिकार है और राज्य Government को हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन करना होगा. यह अच्छी बात है कि हाईकोर्ट ने ऐसा फैसला सुनाया है.”
BJP MP कंगना रनौत की Actress शर्मिला टैगोर पर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा, “कंगना रनौत को ‘वंदे मातरम’ या इसके इतिहास के बारे में कुछ भी नहीं पता है. उन्हें यह नहीं पता कि रवींद्रनाथ ने सलाह दी थी कि ‘वंदे मातरम’ के केवल शुरुआती दो पैराग्राफ ही गाए जाने चाहिए. उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता बनाए रखने के लिए ऐसा कहा था.”
उन्होंने कहा, “मैं वही मानूंगा जो रवींद्रनाथ टैगोर ने कहा था. उन्होंने 1937 में यह राय दी थी. वे चाहते थे कि ‘वंदे मातरम’ के केवल शुरुआती दो पद ही गाए जाएं. भाजपा ‘वंदे मातरम’ के सभी छह पदों को शामिल करने की मांग करके बेवजह इसे मुद्दा बना रही है. मैं भाजपा के नजरिए का समर्थन नहीं करता.”
–
एसडी/पीएम
Skip to content