झारखंड सरकार की ओर से छात्रों की बात मानने पर नेताओं की प्रतिक्रिया, बोले- होनी चाहिए सीबीआई जांच

Patna, 18 अगस्त . Jharkhand परीक्षा विवाद को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों की बातों को Government की ओर से मानने पर नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है.

से बातचीत करते हुए बिहार Government में मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि Jharkhand की Government को अपनी गलती स्वीकार करनी पड़ी है. जिस तरह से नियुक्तियां की गई थीं, उसको लेकर ही बच्चे आंदोलन कर रहे थे. छात्रों की बात Government को माननी पड़ी. लेकिन सीबीआई की जांच को लेकर छात्रों की मांग नहीं मानी जा रही है. सीबीआई की जांच से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.

बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, “छात्रों की जीत हुई, उनको बधाई. लेकिन Jharkhand में संगठित गिरोह बनाकर पेपर लीक किया जा रहा है. सीबीआई से जांच कराने में क्या दिक्कत है? सीबीआई जांच की जानी चाहिए. छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.”

भाजपा नेता आरपी सिंह ने कहा कि छात्रों की ओर से सीबीआई जांच की मांग बिल्कुल ठीक की जा रही है. परीक्षाएं रद्द करने का अलग मामला है, लेकिन किसने घोटाला किया है, इसकी जांच की जानी जरूरी है. Jharkhand के Chief Minister जांच से भाग रहे हैं.

BJP MP करण भूषण सिंह ने कहा कि परीक्षा को रद्द करना Government की मजबूरी है और छात्रों की जीत है. इतने लंबे वक्त तक आंदोलन चला, यह Government की विफलता है. उन्होंने कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच जरूर की जानी चाहिए, क्योंकि नीट पेपर लीक मामले में भाजपा की ओर से नो-टॉलरेंस नीति अपनाई गई. लेकिन Jharkhand में ये लोग जांच से बचना चाह रहे हैं.

आम आदमी पार्टी नेता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि छात्रों की ओर से शांति से आंदोलन किया गया. Government की ओर से छात्रों की बात मान ली गई है. हम विद्यार्थियों के साथ हर तरह से खड़े हैं.

Samajwadi Party नेता आशुतोष वर्मा ने कहा, “सभी टीडीएल परीक्षाएं पहले ही रद्द कर दी गई थीं. जेपीएससी 2023-24 और बैकलॉग परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई थीं. हमने बार-बार कहा है कि चाहे एनटीए हो, राज्य Government की टेस्टिंग एजेंसियां ​​हों या परीक्षा प्राधिकरण, अगर किसी कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया गया है, तो जब तक वह अपना नाम साफ नहीं कर लेती, उसे परीक्षा के पेपर छापने की इजाजत कैसे दी जा सकती है?”

एसडी/एएस