
बलिया, 6 जून . उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में जयप्रकाश नारायण बर्ड सैंक्चुअरी (सुरहा ताल) को रामसर साइट के रूप में अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिल गई है. इस उपलब्धि को लेकर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने इसे पूरे बलिया के लिए गौरव का क्षण बताया और Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में हुए प्रयासों की सराहना की.
मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि यह निर्णय केवल एक पर्यावरणीय उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह बलिया को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. अब सुरहा ताल सिर्फ स्थानीय पहचान नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया भर के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा. सुरहा ताल का ऐतिहासिक महत्व बहुत गहरा है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार राजा सुरथ और सप्तऋषियों का यहां आश्रम रहा है. कहा जाता है कि राजा सुरथ ने अपने कुष्ठ रोग से मुक्ति पाने के लिए इस क्षेत्र में इस ताल का निर्माण करवाया था.
दयाशंकर सिंह ने कहा कि सुरहा ताल गंगा नदी से प्राकृतिक रूप से जुड़ा हुआ है. बाढ़ के समय जब गंगा का जलस्तर बढ़ता है तो पानी सुरहा ताल में चला जाता है और बरसात के दौरान जब ताल भर जाता है तो उसका पानी वापस गंगा में चला जाता है. यह ताल लगभग 3,400 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है और इसे एशिया के बड़े तालाबों में गिना जाता है. यहां हर साल कई देशों से प्रवासी पक्षी आते हैं, जिनमें साइबेरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले पक्षी शामिल हैं. यह जैव विविधता इस क्षेत्र को और भी खास बनाती है.
मंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र को पहले ही जयप्रकाश नारायण राष्ट्रीय पक्षी विहार का दर्जा दिया गया था, लेकिन अब रामसर साइट की अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिलने से इसकी पहचान और मजबूत हो गई है. यह सपना पहले भी देश के पूर्व नेताओं द्वारा देखा गया था, लेकिन अब इसे वास्तविकता में बदलने का काम Prime Minister Narendra Modi और Chief Minister योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हुआ है. इस फैसले से न केवल बलिया का नाम विश्व स्तर पर पहुंचेगा, बल्कि यहां पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा.
उन्होंने कहा कि जब पर्यटक इस क्षेत्र में आएंगे, तो स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. होटल, परिवहन, गाइड सेवाओं और छोटे व्यापारों को भी सीधा लाभ मिलेगा. सुरहा ताल में आने वाले प्रवासी पक्षियों और प्राकृतिक सौंदर्य को संरक्षित करने के लिए Government लगातार काम कर रही है. इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी.
उन्होंने Prime Minister मोदी और Chief Minister योगी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय पूरे बलिया के लिए ऐतिहासिक है और आने वाले समय में यह क्षेत्र उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल होगा.
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पीआईएम/एबीएम
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