
श्रीनगर, 13 जुलाई . जम्मू-कश्मीर के Chief Minister उमर अब्दुल्ला ने Monday को नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं को ‘मजार-ए-शुहादा’ जाने से रोके जाने पर ऐतराज जताया. उन्होंने कहा कि यह दुख की बात है कि जिन लोगों ने जुल्म के खिलाफ और जम्मू-कश्मीर की गरिमा की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी, आज हमें उन्हें श्रद्धांजलि देने की इजाजत नहीं है. इसके साथ ही, उमर अब्दुल्ला ने भाजपा के कानूनी नोटिस पर भी प्रतिक्रिया दी.
Chief Minister उमर अब्दुल्ला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह फैसला लिया गया कि शहीद मजार को बंद कर दिया जाए. शहीद मजार को बंद करने का फैसला लेने वालों को जम्मू-कश्मीर का इतिहास पढ़ना चाहिए था.
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इस लड़ाई को सिर्फ मजहब की तराजू में तोला जा रहा है. यह कोई धार्मिक युद्ध नहीं था, बल्कि लोकतंत्र और अंग्रेजों से आजादी की रक्षा के लिए लड़ी गई लड़ाई थी. Chief Minister ने कहा कि आज नहीं तो कल हम वहां जाएंगे पुष्पांजलि अर्पित करेंगे और फातिहा पढ़ेंगे.
भाजपा की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस पर उमर अब्दुल्ला ने कहा, “मैं इसे बहुत सम्मान की बात मानता हूं, क्योंकि मैं ही एकमात्र राजनेता हूं जिसे यह नोटिस मिला है. मैं इसे सम्मान का प्रतीक मानता हूं. मैं एक ऐसी Political ताकत हूं, जिसे वे नजरअंदाज नहीं कर सकते.”
जम्मू-कश्मीर के Chief Minister ने कहा कि भाजपा जिस तरह से Political लड़ाई लड़ती है, यह उसका भी एक प्रतीक है. मैंने एक Political मंच पर अपनी बात रखी थी और उम्मीद थी कि भाजपा Political रूप से जवाब देगी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. उन्होंने दिखा दिया है कि वे कोर्ट की आड़ लेंगे. उमर अब्दुल्ला ने आगे कहा, “हम भी नेशनल कॉन्फ्रेंस पर आरोप लगाने वाले भाजपा नेताओं को कानूनी नोटिस भेजना शुरू करेंगे.”
बता दें कि उमर अब्दुल्ला ने एक सार्वजनिक सभा में भाजपा पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों को तोड़ने और Government गिराने की कोशिश के आरोप लगाए थे. भाजपा ने इसके सबूत मांगे हैं. इसके साथ ही, कानूनी नोटिस भेजते हुए 100 करोड़ रुपए के मानहानि मुकदमे की चेतावनी दी है.
इस दौरान, दिल्ली के जंतर-मंतर पर रैली की अनुमति को लेकर उमर अब्दुल्ला ने कहा, “हम दिल्ली Police के नोटिस और जवाब का इंतजार कर रहे हैं.”
–
डीसीएच/
Skip to content