गुलमर्ग में 5 जुलाई से ऑड-ईवन ट्रैफिक सिस्टम, पर्यटकों की सुविधा और जाम कम करना लक्ष्य

गुलमर्ग, 1 जुलाई . जम्मू-कश्मीर के प्रमुख पर्यटन स्थल गुलमर्ग में बढ़ते यातायात दबाव और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गुलमर्ग डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीडीए) ने 5 जुलाई से 5 अगस्त तक एक महीने के लिए पायलट आधार पर ‘ऑड-ईवन’ ट्रैफिक सिस्टम लागू करने का फैसला किया है. इस व्यवस्था के तहत वाहनों की एंट्री उनके रजिस्ट्रेशन नंबर के अंतिम अंक के आधार पर होगी, ताकि ट्रैफिक जाम कम किया जा सके और पर्यटकों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में सुविधा मिले.

गुलमर्ग डेवलपमेंट अथॉरिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) तारिक हुसैन ने समाचार एजेंसी से बातचीत में बताया, “गुलमर्ग देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं. पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक आदेश जारी किया गया है, जिसमें ट्रांसपोर्टरों, टूर ऑपरेटरों और पर्यटकों से नई व्यवस्था का पालन करने की अपील की गई है.”

तारिक हुसैन ने कहा, “गुलमर्ग की सड़क और पार्किंग सुविधाओं की अपनी एक सीमित क्षमता है. ऐसे में यह जरूरी हो गया था कि वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित किया जाए, ताकि पर्यटक बिना किसी परेशानी के अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गुलमर्ग पहुंच सकें और वहां का आनंद ले सकें.”

उन्होंने बताया, “हाल के दिनों में कई पर्यटकों की शिकायतें सामने आई थीं. social media पर ऐसे वीडियो भी सामने आए, जिनमें लोगों ने ट्रैफिक जाम के कारण समय पर गुलमर्ग नहीं पहुंच पाने की बात कही थी. इसके चलते कई पर्यटक निर्धारित समय पर केबल कार सेवा और अन्य पर्यटन गतिविधियों का लाभ नहीं उठा सके. इन्हीं समस्याओं को देखते हुए प्रशासन ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर ऑड-ईवन ट्रैफिक सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है.”

सीईओ ने बताया, “इस व्यवस्था के तहत जिस तारीख की संख्या विषम (ऑड) होगी, उस दिन केवल ऑड नंबर वाले वाहन ही गुलमर्ग की ओर जा सकेंगे. इसी प्रकार सम (ईवन) तारीख को केवल ईवन नंबर वाले वाहनों को प्रवेश की अनुमति होगी.” उन्होंने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी को असुविधा पहुंचाना नहीं, बल्कि यातायात को नियंत्रित कर सभी पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराना है.

तारिक हुसैन ने कहा, “यह फिलहाल एक पायलट परियोजना है और इसके दौरान मिलने वाले अनुभव तथा सुझावों के आधार पर आवश्यक सुधार किए जाएंगे.”

उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय परिवहन संचालकों के साथ जल्द बैठक कर उनकी राय भी ली जाएगी, ताकि सभी पक्षों को साथ लेकर प्रभावी यातायात प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके. प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से गुलमर्ग में ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी, पर्यावरण पर दबाव कम पड़ेगा और पर्यटक समय पर अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे.

एससीएच/डीकेपी