
चंडीगढ़, 19 जून . Haryana Government ने 13 नई विशेष एनडीपीएस अदालतों की स्थापना की है, जिससे इनकी संख्या बढ़कर 21 हो गई है.
सरकारी अधिसूचना के अनुसार, फरीदाबाद, गुरुग्राम, पंचकुला, रोहतक और यमुनानगर में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश स्तर की एक-एक विशेष एनडीपीएस अदालत स्थापित की गई है.
फतेहाबाद में दो नई विशेष एनडीपीएस अदालतों को मंजूरी दी गई है, जिससे वहां इनकी कुल संख्या तीन हो गई है.
सिरसा में छह नई विशेष एनडीपीएस अदालतों की स्थापना की गई है, जिससे वहां इनकी कुल संख्या सात हो गई है.
शुरुआत में सिरसा और फतेहाबाद में दो-दो एनडीपीएस अदालतें स्थापित की गई थीं. बाद में अंबाला, हिसार, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र और पानीपत में छह और अदालतें स्थापित की गईं.
फिलहाल, आठ एनडीपीएस विशेष न्यायालय कार्यरत हैं, जिनमें से एक-एक सिरसा, फतेहाबाद, अंबाला, हिसार, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र और पानीपत में स्थित है.
इन नए न्यायालयों के चरणबद्ध कार्यान्वयन से एनडीपीएस मामलों के निपटारे में और तेजी आने तथा लंबित मुकदमों में कमी आने की उम्मीद है.
Police महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि Chief Minister नायब सिंह सैनी इस बात पर दृढ़ हैं कि राज्य के युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने वाले मादक पदार्थों के तस्करों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी.
उन्होंने कहा कि राज्य Government मादक पदार्थों के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है. यह कानून प्रवर्तन एजेंसियों, अभियोजन तंत्र और न्यायिक प्रणाली को मजबूत करके किया जाएगा.
डीजीपी ने कहा कि Police मादक पदार्थों के तस्करों के प्रति ‘जीरो टोलरेंस’ की नीति अपना रही है. उन्होंने कहा कि Police पूरे मादक पदार्थों के तंत्र को नष्ट करने के लिए बहुआयामी रणनीति अपना रही है. इस रणनीति में Police कार्रवाई, खुफिया जानकारी जुटाना, वित्तीय जांच, संपत्ति कुर्क करना, जन जागरूकता अभियान और त्वरित न्यायिक प्रक्रिया को समान महत्व दिया गया है. यह प्रभावी Policeिंग, मजबूत जांच, त्वरित अभियोजन और शीघ्र न्याय के माध्यम से किया जाएगा.
मादक पदार्थों की तस्करी के बारे में जानकारी जुटाने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए, Haryana राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एचएसएनसीबी) 90508-91508 पर चौबीसों घंटे चलने वाली एंटी-ड्रग हेल्पलाइन संचालित करता है.
निवासी इस हेल्पलाइन का उपयोग करके मादक पदार्थों की तस्करी, मादक पदार्थों की बिक्री या किसी भी प्रकार की नशीली दवाओं से संबंधित गतिविधि के बारे में गोपनीय जानकारी संबंधित एजेंसियों के साथ साझा कर सकते हैं.
ये एजेंसियां ऐसी सूचनाओं पर तुरंत कार्रवाई करेंगी. India Government के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा संचालित मानस पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1933 को भी पूरे राज्य में शुरू कर दिया गया है.
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एमएस/
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