
अगरतला, 27 जुलाई . त्रिपुरा के Police महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग की ‘रहस्यमयी’ मौत की जांच में तेजी आई है. त्रिपुरा Police ने इस हाईप्रोफाइल जांच को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए जांच टीम के सदस्यों की संख्या तीन से बढ़ाकर 10 कर दी है. अधिकारियों ने इस संबंध में Monday को जानकारी दी.
त्रिपुरा कैडर के 1994 बैच के भारतीय Police सेवा (आईपीएस) अधिकारी अनुराग का शव 20 जुलाई को यहां राज्य Police मुख्यालय में उनके सरकारी चैंबर से जुड़े वॉशरूम में संदिग्ध हालात में मिला.
Police के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 24 जुलाई को कार्यवाहक Police महानिदेशक ने इस ‘रहस्यमय’ मौत की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई, जिसका नेतृत्व पश्चिम त्रिपुरा जिले के Police अधीक्षक नमित पाठक कर रहे हैं.
Police अधिकारी ने कहा, “अब एसपी पाठक ने अपनी लीडरशिप में 10 सदस्यों वाली टीम का फिर से गठन किया है. जांच टीम के अन्य सदस्यों में वेस्ट त्रिपुरा के अर्बन एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ Police ध्रुबा नाथ के अलावा साइबर क्राइम Police स्टेशन, अमताली Police स्टेशन, वेस्ट अगरतला महिला Police स्टेशन और बट्टाला व रामनगर आउटपोस्ट के इंचार्ज अधिकारी शामिल हैं. केटीडी सिंह Police ट्रेनिंग एकेडमी के एक इंस्पेक्टर और पहले जांच अधिकारी रहे सुभोजित देब भी इस नई बनी जांच टीम का हिस्सा हैं.”
एक ऑफिशियल ऑर्डर में कहा गया है कि फिर से बनी इन्वेस्टिगेशन टीम मिलकर काम करेगी, कानून के हिसाब से सभी इन्वेस्टिगेशन एक्टिविटीज करेगी और कॉन्फिडेंशियलिटी, प्रोफेशनलिज्म बनाए रखेगी.
इसमें कहा गया है, “इन्वेस्टिगेशन की प्रोग्रेस का रिव्यू करने, केस में डेवलपमेंट पर चर्चा करने, टास्क देने और आगे की इन्वेस्टिगेशन के लिए स्ट्रेटेजी बनाने के लिए सुबह एक डेली ब्रीफिंग मीटिंग होगी. दिन की प्रोग्रेस का रिव्यू करने, दिए गए टास्क के नतीजों का असेसमेंट करने, इन्वेस्टिगेशन में किसी भी गैप की पहचान करने और अगले दिन के लिए एक्शन प्लान करने के लिए शाम को एक डेली डीब्रीफिंग मीटिंग होगी.”
इसमें कहा गया है कि जिन अधिकारियों को खास काम सौंपे गए हैं, वे अपने कामों को तेजी से पूरा करना सुनिश्चित करेंगे और जांच टीम के दूसरे सदस्यों के साथ मिलकर काम करेंगे.
आदेश में कहा गया है कि जांच की बारीकी से निगरानी और देखरेख के लिए, सभी संबंधित अधिकारी हर दिन वेस्ट त्रिपुरा के Police अधीक्षक को एक रोजाना प्रोग्रेस रिपोर्ट सौंपेंगे. इस रिपोर्ट में की गई जांच, इकट्ठा किए गए सबूत, किए गए तकनीकी विश्लेषण और आगे की प्रस्तावित कार्रवाई की जानकारी होगी.
आदेश में यह भी कहा गया कि हर Saturday को साप्ताहिक प्रोग्रेस रिपोर्ट तैयार की जाएगी और उसे Police महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) को सौंपा जाएगा.
कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य और त्रिपुरा के पूर्व मंत्री सुदीप रॉय बर्मन ने Sunday को पार्टी की उस मांग को दोहराया जिसमें मौजूदा डीजीपी की ‘रहस्यमयी’ मौत के कारणों का पता लगाने के लिए त्रिपुरा हाईकोर्ट के मौजूदा जज की निगरानी में न्यायिक जांच की मांग की गई है.
उन्होंने कहा, “त्रिपुरा के Police प्रमुख की रहस्यमयी मौत कोई Political मुद्दा नहीं है. राज्य के सबसे वरिष्ठ, ईमानदार, निष्ठावान, समर्पित और ऊर्जावान Police अधिकारी की मौत न केवल त्रिपुरा के लिए बल्कि पूरे देश के लिए बेहद चिंता का विषय है.”
मौत से जुड़ी परिस्थितियों को बेहद संदिग्ध बताते हुए रॉय बर्मन ने कहा था, “हमारा मानना है कि यह हत्या का मामला है. राज्य की जनता के साथ-साथ Policeकर्मी और अन्य सरकारी अधिकारी भी चाहते हैं कि मौजूदा डीजीपी अनुराग की मौत के पीछे का सच सामने आए. अगर Chief Minister माणिक साहा के नेतृत्व वाली राज्य Government इतने गंभीर मामले को दबाती है, तो निश्चित रूप से उस पर सवाल उठेंगे.”
विपक्षी पार्टियों सीपीआई-एम, सीपीआई और कई अन्य Political दलों ने राज्य के सबसे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की मौत के हालात और कारणों का पता लगाने के लिए त्रिपुरा हाई कोर्ट के मौजूदा जज की निगरानी में न्यायिक जांच की मांग की है. इससे पहले वामपंथी दलों और कांग्रेस ने त्रिपुरा में अलग-अलग विरोध रैलियां आयोजित करके इस घटना की हाई कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच की मांग की थी.
अनुराग का अंतिम संस्कार 22 जुलाई को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में उनके पैतृक शहर बड़ौत में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया था. दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर बावली चुंगी के पास बने श्मशान घाट पर उनके बेटे अभिषेक ने परिवार के सदस्यों, वरिष्ठ Police अधिकारियों और सैकड़ों शोक मनाने वालों की मौजूदगी में चिता को मुखाग्नि दी.
उन्होंने 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी अमिताभ रंजन की जगह 17 मई, 2025 को त्रिपुरा के डीजीपी का पद संभाला था. राज्य के Police प्रमुख का पद संभालने से पहले, उन्होंने इंटेलिजेंस में Police महानिदेशक (डीजीपी) के तौर पर काम किया था.
अपने शानदार करियर के दौरान, अनुराग ने कोसोवो में संयुक्त राष्ट्र मिशन के साथ भी काम किया और केंद्रीय एजेंसियों में कई अहम पदों पर रहे. इनमें सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) में जॉइंट डायरेक्टर और एडिशनल डायरेक्टर के पद शामिल हैं. इसके अलावा, उन्होंने ब्यूरो ऑफ Police रिसर्च एंड डेवलपमेंट (बीपीआरएंडडी) और सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (सीआईएसएफ) में भी सेवाएं दीं.
इस सीनियर आईपीएस अधिकारी ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों की जांच के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का नेतृत्व भी किया था. त्रिपुरा के Police महानिदेशक के तौर पर उनका कार्यकाल 17 मई 2027 तक था.
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एएसएच/पीएम
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