एनटीए ने आंसर-की चैलेंज फीस पर दी सफाई, कहा- एक की आपत्ति से लाखों को फायदा

New Delhi, 21 अगस्त . नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने आंसर-की चैलेंज सिस्टम को लेकर उठ रहे सवालों पर सफाई दी. दरअसल, social media पर ये चिंता जताई जा रही थी कि चैलेंज करने की फीस बहुत ज्यादा है. इस पर एनटीए ने कहा कि यह सिस्टम हर उम्मीदवार के लिए निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है.

एजेंसी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करके पूरी प्रक्रिया समझाई और बताया कि अगर एक भी छात्र सही आपत्ति उठाता है तो उसका फायदा परीक्षा में शामिल सभी उम्मीदवारों को मिलता है.

एनटीए के मुताबिक, अगर कोई उम्मीदवार किसी सवाल पर आपत्ति दर्ज कराता है और विषय विशेषज्ञ उस आपत्ति को सही मान लेते हैं, तो संशोधित आंसर-की उस परीक्षा में शामिल सभी छात्रों पर लागू कर दी जाती है.

एनटीए ने लिखा, “एक चैलेंज, सबको फायदा. अगर एक भी उम्मीदवार सवाल चैलेंज करता है और विशेषज्ञ उसे स्वीकार कर लेते हैं, तो बदली हुई आंसर-की हर उस उम्मीदवार पर लागू होगी जिसने परीक्षा दी थी.”

फीस को लेकर भी एनटीए ने स्थिति साफ की. एजेंसी ने बताया कि हर सवाल चैलेंज करने के लिए 200 रुपए देने होते हैं. अगर आप सही हैं तो फीस वापस मिल जाएगी. 200 रुपए प्रति सवाल वाली फीस उस उम्मीदवार को वापस कर दी जाती है जिसकी आपत्ति सही पाई जाती है. फीस रखने का मकसद कमाई करना नहीं है, बल्कि बिना वजह की फर्जी आपत्तियों को रोकना है.

एजेंसी ने छात्रों से अपील की कि अगर उन्हें आंसर-की में कोई असली गलती दिखे तो तय प्रक्रिया के जरिए आपत्ति जरूर दर्ज कराएं. एनटीए का कहना है कि एक सही चैलेंज से लाखों छात्रों के रिजल्ट में सुधार हो सकता है.

एनटीए ने एक्स पोस्ट में यह लिखा कि अगर आपने कोई असली गलती पकड़ी है और उसे उठाया है, तो न सिर्फ फीस वापस मिलेगी, बल्कि किसी एक उम्मीदवार की सही आपत्ति से लाखों अन्य छात्रों का रिकॉर्ड भी सही हो जाएगा.

एनटीए की आंसर-की चैलेंज एक ऑनलाइन प्रक्रिया है. इसके जरिए जेईई मेन, नीट, यूजीसी नेट जैसी परीक्षाओं के उम्मीदवार प्रोविजनल आंसर-की में दिए गए सवालों या जवाबों पर आपत्ति उठा सकते हैं.

एनटीए का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वह परीक्षा से जुड़े विवादों को लेकर घिरा हुआ है. हाल ही में नीट-यूजी परीक्षा और यूजीसी-नेट से जुड़े मुद्दों को लेकर भी एनटीए की आलोचना हुई थी.

एएस