अब मायावती भी सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर


लखनऊ (Lucknow) . सवर्णों के गरियाने वाली बसपा सुप्रीमो मायावती अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) से ठीक पहले हिंदुत्व की राह पर हैं. मायावती ने कहा कि बसपा की सरकार बनने पर अयोध्या (Ayodhya), काशी और मथुरा (Mathura) में विकास कार्य पूरे कराए जाएंगे. बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) के लिए अपने पहले बड़े सार्वजनिक संबोधन में कहा कि अगर पार्टी सत्ता में आती है, तो वह केंद्र और पिछली राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं (अगर इससे लोगों को लाभ होता है) को राजनीतिक बदले की भावना से समाप्त नहीं करेगी और अयोध्या (Ayodhya), वाराणसी (Varanasi) और मथुरा (Mathura) जैसे धार्मिक शहरों में भाजपा द्वारा शुरू किए गए कार्य पूरे होंगे.

कांशीराम की पुण्य तिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में अपने मायावती ने कहा कि हम सपा या भाजपा सरकारों द्वारा शुरू की गई परियोजनाओं और योजनाओं के नाम बदलने के नाटक में भी शामिल नहीं होंगे. मेरे कहने का मतलब है कि राज्य में भाजपा और सपा द्वारा किए गए सभी कार्यों की निष्पक्ष रूप से जांच की जाएगी और जो काम सही और लाभकारी होगा, उसे आगे बढ़ाया जाएगा और रोका नहीं जाएगा.

मायावती ने यह भी कहा कि नए अस्पताल, मेडिकल कॉलेज या शैक्षणिक संस्थान बनाने से पहले, मौजूदा सुविधाओं की स्थिति में सुधार किया जाएगा क्योंकि कोरोना के दौरान उनकी “निराशाजनक” स्थिति सामने आई थी. इसी तरह उन्होंने कहा कि मौजूदा सड़क नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा ताकि नई सड़कें और राजमार्ग बनने से पहले दुर्घटनाएं न हों.
पार्टी की व्यापक मंशा और सत्ता में आने पर पार्टी के प्रमुख मुद्दों को सामने रखने के अलावा मायावती ने उन हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनाव करीब आने के समय आने वाली चुनौतियों से आगाह किया. उन्होंने यह भी घोषणा की कि पार्टी कार्यकर्ताओं को बूथ और निर्वाचन क्षेत्र के अनुसार 21 अक्टूबर से युद्ध स्तर पर तैयार करने का एक कार्यक्रम शुरू करेगी और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे 7 सितंबर और शनिवार (Saturday) को एक पुस्तिका के रूप में की गई घोषणाओं को राज्य के लोगों तक ले जाएं. बसपा घोषणा पत्र की घोषणा नहीं करती है.

मायावती ने कहा कि यूपी की जनता बीएसपी की सत्ता को याद कर रही है. यूपी में सपा बीजेपी की सरकारों में जनता परेशान है. छोटी-छोटी पार्टियों का गठबंधन सिर्फ सत्ताधारी दल को फायदा पहुंचाने के लिए. सपा का नाम लिए बिना कहा कि एक पार्टी ऐसी है जो दूसरी पार्टी की स्वार्थी लोगों को शामिल करा रही है. मायावती ने कहा कि चुनाव घोषित होने से वोट पड़ने तक बीएसपी को नुकसान पहुंचाने का प्रयास. झूठे सर्वे के जरिए बीएसपी को नुकसान पहुचाने का प्रयास है. बीजेपी सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है. हिन्दू- मुस्लिम के साम्प्रदायिक दंगे कराए जा सकते हैं. बीजेपी इस चुनाव में धन्नासेठों से बड़ा खर्च कराने वाली है.

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