‘आपसी लड़ाई से कुछ नहीं मिलने वाला’, उदित राज ने कांग्रेस की गुटबाजी को बताया हार का असल कारण

New Delhi, 11 जुलाई . पूर्व सांसद और कांग्रेस नेता डॉ. उदित राज ने पार्टी संगठन को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कांग्रेस के अंदरूनी गुटबाजी पर निशाना साधा और चुनाव हारने के पीछे भी आपसी लड़ाई को ही मुख्य वजह बताया है.

डॉ. उदित राज ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि कांग्रेस के अंदरूनी गुटबाजी न केवल चुनाव हारने का एक बड़ा कारण है, बल्कि संगठनात्मक स्तर पर पार्टी के कमजोर होने की भी प्रमुख वजह है. समझ में नहीं आता कि आपसी लड़ाई से किसी को कुछ भी नही मिलने वाला है.

उन्होंने कहा कि गुटबाजी के कारण कांग्रेस उत्तराखंड में Government बनाने से चूक गई. पंजाब के नेताओं और कार्यकर्ताओं को इससे सीख लेनी चाहिए. स्वयं पंजाब भी पिछली विधानसभा चुनाव के समय भीषण गुटबाजी का शिकार हुआ. पार्टी के अध्यक्ष ने मानो सुपारी ले रखी थी कि अपनी ही Government के हर निर्णय का विरोध करना है, और परिणाम था कि हम हारे.

उन्होंने कहा कि यदि हम संविधान बचाने के संघर्ष तथा राहुल गांधी के त्याग और समर्पण को सामने रखकर देखें तो हमें गुटबाजी से बचना होगा. संगठन में यदि कोई समस्या या मतभेद हो तो उसे पार्टी के उचित मंच पर रखना चाहिए.

इससे पहले कांग्रेस नेता ने उत्तर प्रदेश के मेरठ में दलित युवती की हत्या को लेकर योगी Government का घेराव किया. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज है, लेकिन दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के दमन के लिए.

उन्होंने कहा कि मेरठ में दलित की बेटी को न्याय दिलाने की आवाज उठाने पर जिस तरह मेरठ के एसएसपी ने रवि गौतम को वैन में घुसकर मारा-पीटा, क्या वे किसी और के साथ भी ऐसा करते? क्या किसान आंदोलन के दौरान ऐसा करने की हिम्मत होती? कांवड़िये खुलेआम हुड़दंग और मारपीट करते हैं, क्या उनके साथ ऐसा करने की हिम्मत होती? क्या भाजपा के लोगों के साथ ऐसा व्यवहार करते? उल्टा उनके सामने नतमस्तक हो जाते. मुख्य आरोपी को बेल मिल गई. यदि आरोपी दलित, ओबीसी या अल्पसंख्यक होता, तो अब तक उसका घर बुलडोजर से ढहा दिया गया होता.

एमएस/डीकेपी