उत्तर रेलवे ने खारिज किए बंद होने के दावे, बड़गाम-दिल्ली कार्गो पार्सल ट्रेन सेवा लगातार जारी

New Delhi, 10 अगस्त . उत्तर रेलवे ने बड़गाम से दिल्ली के बीच चलने वाली कार्गो पार्सल ट्रेन सेवा के बंद होने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है. रेलवे ने स्पष्ट किया कि यह सेवा पूरी तरह से चालू है और सितंबर 2025 से लगातार संचालित हो रही है. यह ट्रेन कश्मीर घाटी के किसानों और व्यापारियों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रही है.

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पर निशाना साधा था. उन्होंने आरोप लगाया कि बड़गाम और दिल्ली के आदर्श नगर के बीच शुरू की गई पार्सल ट्रेन सेवा महज एक ‘पीआर स्टंट’ बनकर रह गई है और इसे बंद कर दिया गया है. पवन खेड़ा ने कहा कि इस कारण कश्मीर के फल उत्पादकों को नुकसान हो रहा है और उनकी फसल समय पर बाजार तक नहीं पहुंच पा रही.

कांग्रेस नेता के आरोपों पर उत्तर रेलवे ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और अपने आधिकारिक हैंडल से स्पष्टीकरण जारी किया. रेलवे ने कहा, “बड़गाम से आदर्श नगर, दिल्ली के बीच चलने वाली कार्गो पार्सल ट्रेन सेवा पूरी तरह से कार्यरत है और इसे बंद नहीं किया गया है. सितंबर 2025 से यह सेवा लगातार जारी है और कश्मीर घाटी के किसानों व व्यापारियों के लिए एक वरदान साबित हुई है.”

रेलवे के अनुसार यह पार्सल ट्रेन फल, सब्जियां और अन्य कृषि उत्पादों को किफायती, तेज और सुरक्षित तरीके से देश के बड़े बाजारों तक पहुंचा रही है. खासकर मानसून में जब राजमार्गों पर भूस्खलन और जाम की स्थिति बनती है, तब यह ट्रेन सेवा घाटी के बागवानों और कारोबारियों के लिए एक मजबूत विकल्प बनकर उभरी है. सड़क बंद होने पर भी माल समय पर दिल्ली और अन्य शहरों तक पहुंच रहा है.

रेलवे ने आंकड़े भी साझा किए. गाड़ी संख्या 00462 बड़गाम, आदर्श नगर दिल्ली अब तक कुल 332 वीपी, जिनमें एसएलआर भी शामिल हैं, के जरिए 7389 टन माल का परिवहन कर चुकी है. वहीं वापसी में गाड़ी संख्या 00461 आदर्श नगर दिल्ली – बड़गाम ने 786 वीपी के जरिए 17450 टन सामान ढोया है.

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस सेवा से घाटी के सेब, चेरी, अखरोट और अन्य बागवानी उत्पादों को सीधे राष्ट्रीय राजधानी के बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिली है. इससे न सिर्फ ढुलाई का खर्च कम हुआ है, बल्कि किसानों को बेहतर दाम भी मिल रहा है.

कश्मीर के बागवान पहले सड़क मार्ग पर निर्भर थे, जहां जाम और मौसम की मार के कारण माल खराब हो जाता था. पार्सल ट्रेन शुरू होने के बाद स्थिति सुधरी है. रेलवे ने भरोसा दिलाया है कि यह सेवा भविष्य में भी इसी तरह जारी रहेगी और घाटी की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी.

एससीएच