वर्ल्ड वाटर अवॉर्ड में नोएडा प्राधिकरण को मिले दो पुरस्कार – indias.news

नोएडा, 6 फरवरी . नोएडा प्राधिकरण ने वर्ल्ड वाटर अवॉर्ड में दो अलग-अलग कैटेगरी में पुरस्कार जीते हैं. इससे पहले स्वच्छता सर्वेक्षण में भी नोएडा प्राधिकरण कई अवॉर्ड बटोर चुका है. नोएडा प्राधिकरण को भारत सरकार एवं यूनेस्को द्वारा संयुक्त रूप से समर्थित वर्ल्ड वाटर अवॉर्ड 2023-24 के लिए दो विभिन्न श्रेणियों में बेस्ट एसटीपी गवर्नमेंट और वाटर रीयूज प्रोजेक्ट ऑफ द ईयर गवर्नमेंट के लिए वाटर वॉरियर के रूप में विजेता चयनित किया गया.

5 फरवरी को नोएडा अधिकारियों को यह अवॉर्ड भारत सरकार के जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने दिया है. चयनित श्रेणी में इस पुरस्कार को ग्रहण करने के लिए सतीश पाल, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, नोएडा एवं आरपी. सिंह, उप महाप्रबन्धक (जल) अपनी जल टीम के साथ उपस्थित रहे. इस कार्यक्रम का आयोजन वाटर डाइजेस्ट वाटर अवॉर्ड टीम द्वारा आयोजित किया गया था.

नोएडा अथॉरिटी को यह अवॉर्ड इसलिए दिया गया है क्योंकि नोएडा में वर्तमान कुल चार सीवर डिस्ट्रक्ट द्वारा कुल 8 अदद सीवेज शोधन संयंत्र (सीक्वेंशियल बेच रिएक्टर) पद्धति पर संचालित हैं. सभी संचालित सयंत्रों की क्षमता 411 एमएलडी है. सभी संयंत्रों पर स्टेज 1, 2 और 3 के तहत पूर्ण क्लोरिनेशन के साथ उच्च श्रेणी के शोधित जल की उपलब्धता टेरिटरी ट्रीटमेंट प्लांट के साथ हैं एवं सभी संयंत्र सीपीसीबी सर्वर पर ऑनलाईन संयोजित हैं.

इसके साथ ही इन सभी प्लांटों से कुल 260 एमएलडी का ट्रीटेड वाटर की उपलब्धता वर्तमान में है. वर्तमान में कुल प्राप्त हो रहे 260 एमएलडी शोधित जल की कुल मात्रा में से लगभग 70-75 एमएलडी मात्रा का उपयोग भू-जल स्तर सुधार के दृष्टिगत सिंचाई के लिए हरित पट्टी पार्क, गोल्फ कोर्स, वैटलैंड, निर्माण गतिविधियों, अग्निशमन, तालाब एवं सड़क छिड़काव इत्यादि के लिए किया जा रहा है.

वित्तीय वर्ष 2024-25 तक प्राधिकरण द्वारा 125 एमएलडी शोधित जल को विभिन्न कार्यों के लिए उपयोग करने का लक्ष्य प्रस्तावित है.

पीकेटी/एबीएम