
तिरुवनंतपुरम, 8 अगस्त . केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने Saturday को साफ किया कि फरार अपराधी अर्जुन अयंकी के खिलाफ ‘शूट-एट-साइट’ (देखते ही गोली मारने) का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि Police उसकी गिरफ्तारी की कोशिश के दौरान पूरी तरह से कानून के मुताबिक कार्रवाई करेगी.
इस अटकल पर कि क्या Police को गिरफ्तारी का विरोध करने पर अयांकी को गोली मारने की इजाजत थी, चेन्निथला ने कहा कि Police की सभी कार्रवाइयां न्यायिक जांच के दायरे में आती हैं और उन्हें तय कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना होता है.
उन्होंने कहा, “Police की कार्रवाई न्यायिक जांच के दायरे में आती है, इसलिए जो कुछ भी किया जाएगा, वह कानून के शासन के अनुसार ही होगा. Police का एक प्रोटोकॉल है और वे उसी के अनुसार काम करेंगे.”
यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब Police अयांकी की पूरे राज्य में तलाश तेज कर रही है. कई जिलों और अंतर-राज्यीय सीमाओं पर तलाशी के बावजूद वह अभी तक पकड़ में नहीं आया है.
जांचकर्ताओं का मानना है कि कोच्चि के पलियक्कारा टोल प्लाजा से गुजरते हुए देखे जाने के बाद वह शायद केरल से निकल चुका है. अब जांच का दायरा अयांकी के करीबी लोगों तक भी बढ़ा दिया गया है.
Saturday को तिरुवनंतपुरम में उनके पांच सहयोगियों को हिरासत में लिया गया और उनसे पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उनके अंडरग्राउंड रहने के दौरान उनके social media अकाउंट्स पर लगातार अपडेट्स उन्हीं की वजह से आ रहे थे.
जांचकर्ता अभी यह पता नहीं लगा पाए हैं कि अयांकी खुद ये अकाउंट चला रहा है या कोई और उसकी तरफ से पोस्ट कर रहा है.उसके भाई और एक अन्य साथी पहले से ही एर्नाकुलम Police की हिरासत में हैं, जिससे फरार व्यक्ति पर अपनी लोकेशन बताने का दबाव और बढ़ गया है.
अयांकी, जिस पर केरल के अलग-अलग Police स्टेशनों में 23 आपराधिक मामले दर्ज हैं, वह छिपकर रहने के बावजूद social media के जरिए Police का मजाक उड़ाता रहा है.
अपनी हालिया पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि सिस्टम ने उन्हें ऐसा बना दिया है और कहा कि अगर घुटने के नीचे गोली भी मारी जाए, तो भी वे घुटने नहीं टेकेंगे.
इस पोस्ट पर अलग-अलग social media हैंडल्स से कई लोगों ने समर्थन में कमेंट किए, जिसके बाद जांच करने वालों ने यह पता लगाने की कोशिश शुरू कर दी कि क्या कोई संगठित नेटवर्क फरार रहने के दौरान उसकी मदद कर रहा है.
अयांकी एक Police अधिकारी को धमकी देने के मामले में वांछित है. इससे पहले हाईकोर्ट द्वारा जमानत अर्जी खारिज किए जाने के बाद उसने Police को चुनौती दी थी कि अगर वह चाहे तो उसे गिरफ्तार कर ले, लेकिन वह जमानत मिलने के बाद ही सरेंडर करेगा.अब उसके पास जमानत के लिए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाने का ही कानूनी विकल्प बचा है.
Police ने बॉर्डर पॉइंट्स पर निगरानी बढ़ा दी है और भगोड़े की तलाश के बड़े चरण में प्रवेश करते हुए उसकी गतिविधियों, साथियों और डिजिटल फुटप्रिंट की जांच कर रही है.
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एसएचके/
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