
New Delhi, 21 जून . नीति आयोग ने Sunday को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ थीम के तहत किया. इस अवसर पर शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में योग की महत्वपूर्ण भूमिका पर ध्यान केद्रित किया गया.
नीति आयोग ने कहा कि यह थीम योग की अच्छी लाइफस्टाइल और वेलनेस में बढ़ते महत्व को मान्यता देती है.
वहीं, नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में ध्यान, प्राणायाम और योगाभ्यास के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ भाग लिया.
इसके अलावा, नीति आयोग के सदस्यों – जिनमें राजीव गौबा, प्रो. के.वी. राजू, डॉ. एम. श्रीनिवास और डॉ. जोरम अनिया शामिल थे – ने इन समारोहों में हिस्सा लिया और वेलनेस व स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को रेखांकित किया.
नीति आयोग के अनुसार, इस कार्यक्रम ने जीवन-शक्ति, सहनशक्ति और स्वस्थ वृद्धावस्था को बढ़ावा देने में योग की भूमिका को उजागर किया, साथ ही समग्र स्वास्थ्य-कल्याण के लिए एक आजमाई हुई पद्धति के रूप में इसके महत्व को भी पुष्ट किया.
इससे पहले दिन में, Prime Minister Narendra Modi ने कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के राष्ट्रीय समारोह का नेतृत्व किया. इस दौरान उन्होंने सभी क्षेत्रों के लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना की और इस वर्ष की थीम, ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ के महत्व पर जोर दिया.
social media ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, पीएम मोदी ने कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित कार्यक्रम को शानदार बताया और कहा कि इसमें बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने रोजमर्रा की जिंदगी में योग की अहमियत के बारे में एक जरूरी संदेश दिया.
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम की थीम सभी उम्र के लोगों के लिए योग के महत्व को उजागर करती है, ताकि वे जीवन भर फिट, स्वस्थ और सक्रिय रह सकें.
वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने नागरिकों से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि योग स्वस्थ जीवन, स्वस्थ मन और लंबे समय तक सेहतमंद रहने में मदद करता है. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नियमित रूप से योग करने से लोग बढ़ती उम्र के साथ भी अपनी शारीरिक और मानसिक क्षमताओं को बनाए रख सकते हैं.
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एबीएस
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