
jaipur, 29 मई . Rajasthan के नागौर जिले के कुचामन शहर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर के दौरे के दौरान काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन करने पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के नौ कार्यकर्ताओं को Friday को Police ने हिरासत में ले लिया.
विरोध प्रदर्शन के कारण तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसके बाद Police ने हस्तक्षेप करते हुए नौ कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया.
इस बीच, आरएलपी संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि तानाशाही के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी. लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना हर किसी का अधिकार है, और Government लाठियों के बल पर हमारी आवाज को दबा नहीं सकती. मैंने Rajasthan Police के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की है और उनसे jaipur में हिरासत में लिए गए आरएलपी कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा करने का अनुरोध किया है.
यहां यह उल्लेख करना आवश्यक है कि मदन राठौर दो दिवसीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने के लिए कुचामन पहुंचे थे, जब शिविर स्थल के पास पहले से ही जमा आरएलपी समर्थकों ने विरोध में नारे लगाने और काले झंडे लहराने शुरू कर दिए.
स्थिति तनावपूर्ण होने पर Police और प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया और प्रदर्शनकारियों को इलाके से हटा दिया. बताया जाता है कि अधिकारियों ने भीड़ को तितर-बितर करने और व्यवस्था बहाल करने के लिए मामूली बल का प्रयोग किया.
भैराणा धाम मुद्दे पर भाजपा और आरएलपी के बीच बढ़ते Political टकराव के बीच यह झड़प हुई, जिसमें दोनों दलों के नेता एक-दूसरे पर इस मामले से Political लाभ उठाने का आरोप लगा रहे हैं.
बेनीवाल ने औद्योगिक उपयोग के लिए आरआईआईसीओ द्वारा भूमि अधिग्रहण के विरोध में भैराणा धाम के संतों के आंदोलन का समर्थन किया था. प्रशासन ने उनकी मांगें मान लीं और बेनीवाल ने विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया.
हालांकि, Friday को आंदोलन के बाद जुबानी जंग तेज हो गई, जब आरएलपी कार्यकर्ताओं को राठौर के वाहन का घेराव करते और काले झंडे दिखाते देखा गया.
इसी बीच, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति मिर्धा ने नागौर सांसद और आरएलपी संयोजक हनुमान बेनीवाल पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि आरएलपी धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दे का Politicalरण करने की कोशिश कर रही है.
मिर्धा ने दावा किया कि भाजपा Government पहले से ही साधुओं और संतों की चिंताओं को दूर करने में लगी हुई है और आरएलपी पर आंदोलन का Political लाभ उठाने का आरोप लगाया.
उन्होंने बेनीवाल के Political आचरण और भाषा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य विधानसभा में प्रतिनिधित्व न होने के बावजूद, वह अक्सर खुद को Chief Minister के रूप में पेश करते हैं.
मिर्धा ने आगे आरोप लगाया कि सार्वजनिक मंचों पर दिए गए कुछ बयान Political मर्यादा के विपरीत थे.
–
एमएस/
Skip to content