हैदराबाद में नाइजीरियाई नागरिक गिरफ्तार, 8 करोड़ की ड्रग्स जब्त – indias.news

हैदराबाद, 6 फरवरी . तेलंगाना राज्य नारकोटिक्स ब्यूरो (टीएसएनएबी) ने एक नाइजीरिया के नागरिक को गिरफ्तार किया है. उसके कब्जे से 8 करोड़ रुपये कीमत की ड्रग्स जब्त की गई है.

एक गुप्त सूचना के आधार पर टीएसएनएबी के अधिकारियों ने पंजागुट्टा पुलिस के साथ मिलकर सोमवार को इरम मंजिल मेट्रो स्टेशन के पास गोवा निवासी इवुआला उडोका स्टेनली (43) को गिरफ्तार किया और ड्रग्स बरामद की.

पश्चिम जोन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) एम. विजय कुमार ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि वह गोवा से ड्रग्स ला रहा था और हैदराबाद में बेच रहा था.

पुलिस ने उसके कब्जे से 557 ग्राम कोकीन, 390 ग्राम वजन की 902 एक्स्टसी गोलियां, 105 एलएसडी ब्लॉट, 215 ग्राम चरस, 21 ग्राम हेरोइन, सात ग्राम एम्फेटामाइन, 45 ग्राम ओजी वीड, 190 ग्राम वीड और आठ सेल फोन जब्त किए हैं. इन सबकी कीमत 8 करोड़ रुपये है.

यह गिरफ्तारी हनुमंत बाबुसो दिवकर के कबूलनामे के आधार पर जांच के दौरान की गई थी, जिसे पहले एसआर नगर पुलिस ने गिरफ्तार किया था. टीएसएनएबी टीम जिसमें एक सब-इंस्पेक्टर और छह हेड कांस्टेबल शामिल थे, आरोपी स्टेनली की पहचान करने के लिए एक महीने से अधिक समय तक गोवा में थे.

तकनीकी साक्ष्यों और टावर लोकेशन की मदद से आरोपी की पहचान की गई और वे उसकी लोकेशन का पता लगाने में सफल रहे. टीम को पता चला कि आरोपी अपने परिचित ग्राहकों को ड्रग्स सप्लाई करने और हैदराबाद में कुछ ड्रग्स सौदे करने के लिए हैदराबाद जाने वाला है.

पुलिस के मुताबिक, आरोपी 2009 में बिजनेस वीजा पर भारत आया था और मुंबई के अंधेरी में रह रहा था. वह अपने दोस्त ज्वेल के साथ रहता था और मुंबई में रेडीमेड कपड़ों का कारोबार करने लगा. एक साल के बाद वह गोवा के कैंडोलिम चला गया और कपड़ा व्यवसाय शुरू किया. वह कुछ नाइजीरियाई ड्रग्स तस्करों के संपर्क में आया और जल्दी पैसा कमाने के लिए उनके साथ जुड़ गया.

गोवा पुलिस ने आरोपी को 2012 में अवैध रूप से रहने के आरोप में गिरफ्तार किया था और वह छह महीने तक जेल में रहा था.

जेल से बाहर आने के बाद उसकी दोस्ती राजस्थान की मूल निवासी उषा चंदेल से हो गई. उन्होंने 2014 में शादी की और कैंडोलिम में एक किराने की दुकान खोली. जब व्यवसाय बंद होने से वह वित्तीय समस्याओं का सामना कर रहा था तब वह दो नाइजीरियाई ड्रग्स तस्करों के संपर्क में आया और उनके साथ काम करना शुरू कर दिया.

डीसीपी ने कहा कि 2017 में आरोपी को गोवा एनसीबी ने उसे ड्रग्स तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था. जेल से छूटने के बाद, उसने अपना ड्रग्स कारोबार जारी रखा और विभिन्न व्यक्तियों से ड्रग्स खरीदना और उन्हें गोवा में ग्राहकों को बेचना शुरू कर दिया.

पुलिस जांच में पता चला कि स्टेनली कई आपूर्तिकर्ताओं से ड्रग्स खरीद रहा था. उसके 500 से अधिक ग्राहक भी थे जिनमें से सात हैदराबाद से हैं. ड्रग्स तस्करों, ट्रांसपोर्टरों, वित्तीय समर्थकों, अन्य सहयोगियों और उन उपभोक्ताओं की पहचान करने के लिए जांच जारी है जो उससे ड्रग्स खरीद रहे थे.

एफजेड/एबीएम