
New Delhi, 22 अप्रैल . India का प्रमुख शेयर बाजार सूचकांक निफ्टी 50 मार्च 2027 तक 28,000 से 31,000 के स्तर तक पहुंच सकता है, यानी इसमें मौजूदा स्तर से 15 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है. Wednesday को जारी निवेश प्रबंधन फर्म ओमनीसाइंस कैपिटल की रिपोर्ट में यह बात कही गई है.
ओमनीसाइंस कैपिटल की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 में निफ्टी 50 की प्रति शेयर कमाई (ईपीएस) 1,280 से 1,320 रुपए के बीच रह सकती है और इसमें 10 से 13 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि भू-Political तनाव कम होने, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, रुपए की मजबूती और महंगाई में कमी जैसे कारणों से बाजार को फायदा मिल सकता है. इससे भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है और विदेशी निवेश (एफआईआई) भी बढ़ सकता है.
पिछले 25 सालों में निफ्टी ने डिविडेंड सहित औसतन 14.26 प्रतिशत सालाना रिटर्न दिया है.
ओमनीसाइंस कैपिटल के सीईओ विकास वी गुप्ता ने कहा, “बाजार अभी कम मूल्य पर है और अगर कमाई में मध्यम वृद्धि भी होती है, तो लंबे समय के निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिल सकता है, भले ही उतार-चढ़ाव बना रहे.”
रिपोर्ट में सेक्टर के हिसाब से अवसरों की भी बात की गई है. बैंकिंग सेक्टर मजबूत स्थिति में है, जहां ग्रॉस एनपीए 2.5 प्रतिशत से कम, कैपिटल एडिक्वेसी करीब 17 प्रतिशत और प्राविजन कवरेज लगभग 76.6 प्रतिशत है.
इस स्थिति में बैंक बिना नई पूंजी जुटाए करीब 94 लाख करोड़ रुपए तक का नया कर्ज दे सकते हैं. Government और कंपनियों के लगातार निवेश (कैपेक्स) से आने वाले सालों में क्रेडिट ग्रोथ और कमाई बढ़ने की संभावना है.
पावर सेक्टर को भी 65-70 लाख करोड़ रुपए के निवेश अवसर का फायदा मिल सकता है, जिसे सरकारी नीतियों का समर्थन मिल रहा है.
बढ़ती बिजली मांग, जो तीन गुना तक हो सकती है, और इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) व डेटा सेंटर जैसे नए सेक्टर इस ग्रोथ को और मजबूती देंगे.
कंपनी की प्रेसिडेंट और चीफ पोर्टफोलियो मैनेजर अश्विनी शमी ने कहा, “हम बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और पावर सेक्टर में ज्यादा निवेश की सलाह दे रहे हैं, क्योंकि इनमें कमाई की अच्छी संभावनाएं और मजबूत बैलेंस शीट हैं.”
हालांकि, रिपोर्ट में चेतावनी भी दी गई है कि हाल की गिरावट के बावजूद आईटी सेक्टर के शेयर अभी भी महंगे हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और वैश्विक टेक खर्च को लेकर अनिश्चितता के कारण इसमें सावधानी बरतने की जरूरत है.
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डीबीपी
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