
कोलकाता, 16 अप्रैल . राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मालदा जिले के मोथाबारी में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में लगे जजों को परेशान करने के मामले में गिरफ्तार 49 आरोपियों में से 12 की हिरासत मांगी है.
बाकी 37 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. गिरफ्तार मोफक्करुल इस्लाम के वकील ने जमानत याचिका दाखिल की है. राज्य Police ने उसे इस घटना का ‘मास्टरमाइंड’ बताया था.
मोथाबारी मामले की सुनवाई Thursday को कोलकाता सिटी सेशंस कोर्ट में हुई. अब तक इस घटना में कुल 52 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें से 49 को Thursday को केस में शामिल किया गया.
मोफक्करुल के वकील ने आरोप लगाया कि उनके मुवक्किल को ‘बलि का बकरा’ बनाया जा रहा है और इस पूरे मामले के पीछे बड़ी साजिश है. हालांकि एनआईए ने कहा कि जांच अभी शुरुआती चरण में है, इसलिए जांच के हित में सभी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती.
वकील ने कहा कि Supreme Court ने पारदर्शिता के लिए एनआईए जांच का आदेश दिया है. उन्होंने दावा किया कि मोफक्करुल ने सरकारी सहयोग करते हुए भीड़ को हटाने की कोशिश की थी और उनके शामिल होने की कोई संभावना नहीं है.
उन्होंने आगे कहा कि मोफक्करुल social media पर काफी लोकप्रिय हैं और उन्हें पहचानने के बाद लोगों ने उनसे भीड़ हटाने की अपील की थी.
वकील ने यह भी कहा कि Police ने भी उनसे सहयोग मांगा था और उम्मीद जताई कि अदालत उन्हें जमानत देगी.
3 अप्रैल को मालदा के मोथाबारी में एसआईआर को लेकर स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी. आरोप है कि जिन लोगों के नाम सूची से हटाए गए थे, उन्होंने जजों को घेर लिया था. जजों को देर रात तक रोका गया था.
Supreme Court ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया था. अदालत के आदेश पर चुनाव आयोग ने जांच एनआईए को सौंप दी थी.
राज्य Police की सीआईडी ने मोफक्करुल को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद एनआईए ने भी कई गिरफ्तारियां कीं.
एनआईए के वकील ने अदालत में कहा कि आरोपी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से घटना में शामिल हैं. उन्होंने दोहराया कि जांच अभी शुरुआती चरण में है, इसलिए सभी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती.
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एएमटी/डीकेपी
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