
विजयवाड़ा, 8 जुलाई . आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में कथित आतंकी संबंधों से जुड़े एक मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने Wednesday को छापेमारी की. अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी की टीम ने विन्चीपेटा क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया. हाल ही में यह मामला एनआईए को सौंपा गया था.
इस मामले में इससे पहले विजयवाड़ा निवासी 23 वर्षीय मोहम्मद रहमतुल्लाह शरीफ, 27 वर्षीय एम.डी. दानिश, 23 वर्षीय मिर्जा सोहैल बेग, हैदराबाद की 38 वर्षीय सईदा बेगम तथा कर्नाटक के बेल्लारी निवासी अब्दुल सलाम को गिरफ्तार किया गया था. आरोप है कि उन्होंने India में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की कथित साजिश से जुड़ी जानकारियां साझा की थीं.
अधिकारियों के अनुसार, तलाशी अभियान का उद्देश्य आरोपियों के अन्य व्यक्तियों या संगठनों से संभावित संबंधों और मामले से जुड़े अतिरिक्त साक्ष्यों का पता लगाना है.
जांचकर्ताओं ने पहले पता लगाया था कि इस आतंकी नेटवर्क मामले के आरोपी विदेशी हैंडलर अल-हकीम शुकूर के निर्देश पर India में अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट और आईएसआईएस की गतिविधियों का विस्तार करने का काम कर रहे थे.
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अधिकारियों को बताया कि वे social media के जरिए शुकूर के संपर्क में आए थे.
‘अल-मलिक इस्लामिक यूथ’ नामक समूह बनाने वाले आरोपियों ने स्वीकार किया कि उनमें शुरू से ही जिहादी सोच थी, लेकिन शुकूर के संपर्क में आने के बाद यह और अधिक मजबूत हो गई.
आरोपियों ने खुलासा किया कि उसके निर्देश पर वे देश में अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट और आईएसआईएस की गतिविधियों का विस्तार करने की कोशिश कर रहे थे. वे युवाओं को आत्मघाती हमले करने के लिए भी उकसाने का प्रयास कर रहे थे.
आरोपियों ने जांचकर्ताओं को बताया कि उन्होंने शुकूर से कभी व्यक्तिगत रूप से मुलाकात नहीं की, बल्कि social media के माध्यम से ही उसे जाना.
उसके निर्देश पर उन्होंने अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट और आईएसआईएस से संबंध विकसित किए. उसके आदेश पर वे ‘गजवा-ए-हिंद’ के लिए काम कर रहे थे और अपना नेटवर्क बढ़ा रहे थे.
आरोपियों ने अधिकारियों को बताया कि उनका उद्देश्य India को एक इस्लामिक राष्ट्र बनाना था. इसके तहत वे भारतीय तिरंगे की जगह आईएसआईएस का झंडा फहराना चाहते थे.
विदेशी हैंडलर के निर्देश पर आरोपियों ने महिलाओं के लिए एक अलग विंग बनाने की भी योजना बनाई थी, जिसकी प्रमुख सईदा बेगम को बनाया जाना था. उनकी योजना भर्ती किए गए लोगों को स्नाइपर राइफल, बंदूक, ब्लैक पाउडर बम और आईईडी बनाने का प्रशिक्षण देकर India में आतंक फैलाने की थी.
Police ने रहमतुल्लाह शरीफ, दानिश और सोहैल बेग की गिरफ्तारी के साथ इस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. काउंटर इंटेलिजेंस सेल ने social media प्लेटफॉर्म पर उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया.
सईदा बेगम को पिछले महीने हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया, जबकि अन्य आरोपियों को विभिन्न राज्यों से पकड़ा गया. आरोप है कि आरोपी इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और अन्य social media प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं को प्रभावित कर उन्हें कट्टरपंथ की ओर धकेलने और आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसाने की कोशिश कर रहे थे.
आरोपियों के खिलाफ विजयवाड़ा टू टाउन Police स्टेशन में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया.
First Information Report में कुल 12 आरोपियों के नाम हैं, जो आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, दिल्ली, Rajasthan , कर्नाटक, Maharashtra और पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों के रहने वाले हैं.
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एएस
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