
New Delhi, 11 जून . आंध्र प्रदेश के विशाखापतनम स्टील प्लांट में हुए भीषण हादसे को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने स्वतः संज्ञान लिया है. आयोग ने आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया और दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी.
एनएचआरसी ने कहा कि यदि मीडिया रिपोर्ट में दी गई जानकारी सही है, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला बनता है. आयोग ने राज्य Government से घायल श्रमिकों की स्वास्थ्य स्थिति, उन्हें दिए जा रहे इलाज और मृतकों के परिजनों तथा घायलों को दी गई अनुग्रह राशि (मुआवजा) का पूरा विवरण मांगा है.
यह दर्दनाक हादसा Monday को राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) के विशाखापतनम स्टील प्लांट के स्टील मेल्टिंग शॉप में हुआ था. रिपोर्ट के मुताबिक करीब 1,600 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले लगभग 150 टन पिघले हुए स्टील को ले जा रहा एक लैडल अचानक विस्फोट का शिकार हो गया. विस्फोट इतना भीषण था कि पिघला हुआ स्टील पूरे कार्यस्थल पर फैल गया और वहां मौजूद कई कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए.
हादसे में पहले आठ श्रमिकों की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन Wednesday को इलाज के दौरान घायल ठेका कर्मचारी पायडीराजू की भी मौत हो गई. इसके साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई.
अधिकारियों के अनुसार, अभी भी पांच घायल श्रमिक दो अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से एक की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है.
श्रमिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि प्लांट प्रबंधन ने सुरक्षा मानकों और निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी की, जिसके कारण यह जानलेवा दुर्घटना हुई.
हादसे के बाद घटनास्थल का दौरा करने वाले आंध्र प्रदेश के उपChief Minister पवन कल्याण ने मृतक श्रमिकों के परिवारों को 25-25 लाख रुपए मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को प्लांट में नौकरी देने की घोषणा की.
वहीं, आईसीयू में भर्ती घायलों को 10-10 लाख रुपए सहायता राशि देने का भी ऐलान किया गया.
उन्होंने बताया कि स्थायी कर्मचारियों के परिवारों को सेवानिवृत्ति संबंधी प्रावधानों के तहत करीब 1.72 करोड़ रुपए तक के लाभ मिलेंगे, जबकि ठेका कर्मचारियों के परिवारों को 45.75 लाख रुपए दिए जाएंगे. साथ ही घायलों के इलाज का पूरा खर्च प्लांट प्रबंधन उठाएगा. हादसे की जांच के लिए बोकारो स्टील प्लांट के तीन सदस्यीय विशेषज्ञ दल का गठन भी किया गया है.
वहीं, वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख और पूर्व Chief Minister वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने मृतकों के परिवारों को घोषित मुआवजे के अलावा अतिरिक्त 1 करोड़ रुपए की अनुग्रह राशि देने की मांग की है.
उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने और विशाखापतनम स्टील प्लांट के निजीकरण के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव लाने की भी मांग की.
–
एबीएम
Skip to content