
New Delhi, 13 जून . विदेश मंत्रालय (एमईए) ने ओमान के तट पर भारतीय क्रू वाले शिप ‘लियाकी फ्रीडम’ पर हमले की खबरों को खारिज कर दिया है. मंत्रालय ने शिप के कैप्टन से सीधे बात करने के बाद साफ किया कि क्रू के सभी सदस्य सुरक्षित हैं.
विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में कमर्शियल जहाजों से जुड़ी हालिया घटनाओं को देखते हुए स्थिति की पुष्टि के लिए जहाज से तुरंत संपर्क किया गया. विदेश मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा, “हमने ‘लियाकी फ्रीडम’ शिप के कैप्टन से बात की है. उन्होंने पुष्टि की है कि क्रू के सभी सदस्य सुरक्षित हैं और हमले की खबर गलत है.”
इस स्पष्टीकरण ने नए हमले के दावे को खारिज कर दिया और पुष्टि की कि जहाज के साथ कोई घटना नहीं हुई है. इससे social media पर फैल रही गलत सूचनाओं और बिना पुष्टि वाली खबरों के बीच बढ़ती चिंता को दूर करने में मदद मिली है.
social media पर यह दावा किया जा रहा था कि एक हफ्ते में भारतीय क्रू वाले टैंकर पर चौथा अमेरिकी हमला हुआ है. यह भी दावा किया गया कि ओमान के पास ‘फ्रीडम’ पर हमले में चार नाविकों की मौत हो गई है.
हालांकि, विदेश मंत्रालय की फैक्ट-चेक यूनिट ने भी शिप पर हमले के दावे को फर्जी करार दिया. ‘एक्स’ पोस्ट में कहा गया, “फेक न्यूज अलर्ट! कृपया social media पर ऐसे झूठे और बेबुनियाद दावों और पोस्ट से सावधान रहें.”
India ने होर्मुज स्ट्रेट के पास चलने वाले जहाजों पर हाल ही में हुए हमलों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया था, जिसमें ओमान के तट पर कमर्शियल जहाज ‘सेटेबेलो’ पर हुआ हमला भी शामिल है, जिसमें तीन भारतीय नागरिक मारे गए थे. वहीं, गिनी-बिसाऊ के झंडे वाला ‘जलवीर’ शिप भी शामिल है, जिस पर पहले हमला हुआ था और उस पर 20 भारतीय नाविक सवार थे.
Friday को, विदेश मंत्रालय ने ओमान के तट पर कमर्शियल जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों के खिलाफ New Delhi का विरोध दर्ज कराने के लिए अमेरिकी चार्ज डी अफेयर्स जेसन मीक्स को फिर से तलब किया.
India के राजनयिक विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि वाशिंगटन इस मामले पर India Government के साथ बातचीत कर रहा है.
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डीसीएच/
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