
New Delhi, 20 जुलाई . दिल्ली Police ने उन खबरों को खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि संसद के पास विरोध प्रदर्शन के दौरान ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके को हिरासत में लिया गया या गिरफ्तार किया गया.
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि ‘संसद चलो’ विरोध प्रदर्शन के दौरान Police ने दिपके को उठा लिया था.
इन दावों को खारिज करते हुए दिल्ली Police ने कहा, “social media प्लेटफॉर्म पर गलत खबरें फैल रही हैं कि दिल्ली Police ने अभिजीत दिपके को हिरासत में ले लिया है. आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट किया जाता है कि ये आरोप पूरी तरह से झूठे हैं और वे मंच पर मौजूद हैं.”
Police के बयान के बाद सौरव दास ने अपना बयान वापस लेते हुए पुष्टि की कि दिपके को न तो हिरासत में लिया गया था और न ही गिरफ्तार किया गया था.
सौरव दास ने एक्स पर पोस्ट किया, “दिपके हिरासत या गिरफ्तारी में नहीं हैं. केरल हाउस के बाहर अभी भारी भीड़ मौजूद है.”
दूसरी ओर दिल्ली Police ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि social media पर गीतांजलि नाम की 12 साल की लड़की के साथ मारपीट, बाल खींचने और सिर में चोट लगने और साथ ही लगभग 40 से 50 अन्य लोगों के सिर फूटने के दावों वाली पोस्ट में गलत जानकारी फैलाई जा रही है. यह जानकारी गलत है. पोस्ट में किए जा रहे दावे सच नहीं हैं. कृपया गलत या गुमराह करने वाली जानकारी न फैलाएं.
सीजेपी और उसके समर्थकों ने Monday को संसद चलो विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया और नीट-यूजी पेपर लीक मामले में Government से जवाबदेही की मांग की.
जब प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन की ओर बढ़ने की कोशिश की, तो उन्हें कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात Police बल का सामना करना पड़ा.
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रंका ने Monday को Union Minister जेपी नड्डा के सामने अपनी मांगें रखीं. उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे प्रदर्शनकारियों की मांगों पर नेतृत्व के साथ आंतरिक रूप से चर्चा करेंगे.
यह विरोध प्रदर्शन नीट-यूजी पेपर लीक मामले और परीक्षाओं से जुड़ी अन्य अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए आयोजित किया गया था.
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डीकेएम/
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