
वाशिंगटन, 28 जुलाई . ईरान के साथ जारी तनाव के बीच इजरायल के Prime Minister बेंजामिन नेतन्याहू President डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करने वाले हैं. व्हाइट हाउस की ओर से किए गए ऐलान के अनुसार, Prime Minister बेंजामिन नेतन्याहू Tuesday को स्थानीय समयानुसार अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप से मिलेंगे. दूसरी तरफ यूक्रेन के President वोलोडिमीर जेलेंस्की भी ट्रंप से मिलेंगे.
व्हाइट हाउस के शेड्यूल के अनुसार, यह बैठक मीडिया की मौजूदगी के बिना आयोजित की जाएगी. हालांकि, President डोनाल्ड ट्रंप पहले भी कई बार ऐसी बैठकों को आखिरी समय में पत्रकारों के लिए ओपन करते हैं.
नेतन्याहू से मुलाकात से पहले ट्रंप यूक्रेन के President वोलोदिमिर जेलेंस्की से भी मुलाकात करेंगे. यह बैठक भी फिलहाल पत्रकारों की मौजूदगी के बिना आयोजित किए जाने की योजना है.
नेतन्याहू से मीटिंग के बाद ट्रंप के शेड्यूल में अगला काम प्रेसिडेंट का नेशनल कैथेड्रल के लिए निकलना है. यहां रिपब्लिकन सेनेटर लिंडसे ग्राहम के लिए एक मेमोरियल सर्विस होगी. इस दौरान इजरायली Prime Minister भी मौजूद रहेंगे.
पीएम नेतन्याहू के वाशिंगटन पहुंचने पर अमेरिका में इजरायल के राजदूत येचेल लीटर ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “वाशिंगटन में आपका स्वागत है. Prime Minister नेतन्याहू इजरायल के सबसे बड़े साथी अमेरिका की राजधानी के एक और ऐतिहासिक दौरे पर. यहां राजदूत के तौर पर सेवा करना, हमारे महान देशों की एक-दूसरे के प्रति ताकत और प्रतिबद्धता को फिर से साबित करना सम्मान की बात है.”
पिछले साल ट्रंप के दूसरी वार सत्ता संभालने के बाद से Tuesday की मीटिंग नेताओं के बीच आठवीं मुलाकात होगी. इसके साथ ही ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद यह उनकी पहली आमने-सामने की बातचीत होगी.
Monday को इजरायल से रवाना होने से पहले पीएम नेतन्याहू ने कहा, “यह खुशी की बात है, लेकिन यह एक बड़ी जिम्मेदारी भी है. हम एजेंडा के सभी मुद्दों पर चर्चा करेंगे. सबसे पहले और सबसे जरूरी ईरान पर. जाहिर है, हमारा लक्ष्य अपनी सुरक्षा को सुरक्षित रखना और अपने आसपास शांति का दायरा बढ़ाना है.”
वहीं, दूसरी तरफ ईरानी ज्यूडिशरी ने Tuesday को घोषणा की कि जनवरी में Government विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हिंसा के मामलों में दोषी पाए गए दो लोगों को फांसी दे दी गई है. न्यायपालिका के मिजान ऑनलाइन पोर्टल ने कहा, “अबुल फजल सिपाही और अमीर-हुसैन सफारी को आज सुबह मौत की सजा दी गई. दोनों को Police अधिकारियों पर चाकू और छुरियों से हमला करने, उन्हें सड़क के साइन से बांधने, जमीन पर घसीटने, उन पर पेट्रोल डालने और आग लगाने का दोषी पाया गया था .
मिजान के अनुसार, दूसरे आरोपों में हथियार निकालकर और डर और आतंक फैलाकर भगवान के खिलाफ जंग छेड़ना और देश में पब्लिक ऑर्डर और सुरक्षा को बुरी तरह से बिगाड़ने वाले काम करके धरती पर भ्रष्टाचार करना शामिल था. मेहर न्यूज एजेंसी ने बताया कि ये फांसी सेंट्रल इस्फहान प्रांत के मालेकशहर शहर के एक चौक में आम लोगों की मौजूदगी में दी गईं.
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