
काठमांडू, 16 अप्रैल . नेपाल की हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की नई चुनी गई डिप्टी स्पीकर रुबी कुमारी ठाकुर ने घोषणा की है कि वे किसी भी ऐसे शादी समारोह में शामिल नहीं होंगी जहां दहेज का लेन-देन होता हो.
26 साल की ठाकुर को नौ अप्रैल को उपसभामुख चुना गया, और वे इस पद पर पहुंचने वाली अब तक की सबसे युवा महिला बन गई हैं. देश की राजनीति में इसे एक नई पीढ़ी के उभरने के रूप में देखा जा रहा है. वे श्रम संस्कृति पार्टी नाम की नई Political पार्टी से समानुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के जरिए संसद में पहुंची हैं.
सांसद बनने के बाद ही उन्होंने कहा था कि वे दहेज प्रथा के खिलाफ काम करेंगी. खासकर मधेश प्रांत के मधेसी समुदाय में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है, जहां से वे खुद आती हैं. दहेज प्रथा महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा का एक बड़ा कारण रही है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लिखा, “मुझे हाल ही में कई शादी के निमंत्रण मिल रहे हैं, लेकिन किसी भी कार्ड में ‘दहेज-मुक्त विवाह’ का साफ जिक्र नहीं दिखा. इससे लगता है कि हमारा समाज अभी तक इस बुरी प्रथा से पूरी तरह मुक्त नहीं हो पाया है.”
उन्होंने आगे कहा, “दहेज लेना-देना ही नहीं, बल्कि ऐसे विवाह को स्वीकार करना, उसमें शामिल होना या उसके भोज में जाना भी सामाजिक रूप से गलत और कानूनन अपराध है. यह प्रथा महिलाओं की गरिमा, बराबरी और अधिकारों को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचाती है.”
ठाकुर ने यह भी कहा कि वे ऐसे किसी भी शादी समारोह में शामिल नहीं होंगी जहां दहेज का लेन-देन हो. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे दहेज-मुक्त, बराबरी और सम्मान पर आधारित शादियों को बढ़ावा दें. उन्होंने सुझाव दिया कि शादी के कार्ड में साफ लिखा जाए: “दहेज-मुक्त विवाह; दहेज लेना-देना सामाजिक और कानूनी अपराध है.”
उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब कानून और जागरूकता बढ़ने के बावजूद दहेज प्रथा अब भी जारी है.
नेपाल Police के अनुसार, वित्त वर्ष 2023–24 में दहेज से जुड़े 10 मामले सामने आए, जिनमें से सात मधेश प्रांत में दर्ज हुए. यह प्रथा वहीं ज्यादा देखने को मिलती है, लेकिन अलग-अलग वर्गों में भी मौजूद है. आमतौर पर वही मामले सामने आते हैं, जिनमें हिंसा शामिल होती है.
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एवाई/डीकेपी
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