
काठमांडू, 2 जुलाई . नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने साफ किया है कि 10 जून को पश्चिमी सीमावर्ती जिले धारचूला में नेपाल के हवाई क्षेत्र में देखे गए भारतीय हेलीकॉप्टर ने खराब मौसम की वजह से नेपाली सीमा में प्रवेश किया था.
एक बैठक में अपने मंत्रालय से जुड़े मौखिक सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि नेपाली Government को जानकारी मिली थी कि खराब मौसम का सामना करने के बाद भारतीय हेलीकॉप्टर धारचूला जिले में दाखिल हुआ था.
उन्होंने कहा, “संबंधित अधिकारियों से मिली जानकारी के आधार पर ऐसा नहीं लगता कि भारतीय हेलीकॉप्टर जानबूझकर या किसी गलत इरादे से नेपाली सीमा में दाखिल हुआ था.”
उन्होंने बताया, “इलाके की भौगोलिक स्थितियों और मौसम की वजह से हेलीकॉप्टर नेपाली सीमा में दाखिल हुआ. इस मामले को लेकर संबंधित नेपाली अधिकारियों और भारतीय पक्ष के बीच जरूरी तालमेल और बातचीत हो रही है.”
नेपाली अधिकारियों के अनुसार, 10 जून को बिना इजाजत भारतीय सैन्य हेलीकॉप्टर के नेपाली सीमा में काफी अंदर तक उड़ान भरने से नेपाल के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन हुआ. बाद में हेलीकॉप्टर नेपाल के हवाई क्षेत्र में कुछ देर रहने के बाद भारतीय सीमा में लौट गया.
धारचूला के मुख्य जिला अधिकारी अनिल पौडेल ने को बताया, “धारचूला के छंगरू इलाके में स्थानीय लोगों की ओर से भारतीय सैन्य हेलीकॉप्टर का वीडियो फुटेज लेने के बाद हमने अपने हवाई क्षेत्र के उल्लंघन की पुष्टि की. इसके बाद हमने India के पिथौरागढ़ में जिलाधिकारी के पास कड़ा विरोध दर्ज कराया और स्पष्टीकरण मांगा कि बिना पूर्व सूचना के हमारे हवाई क्षेत्र का उल्लंघन क्यों किया गया.”
पौडेल के अनुसार, भारतीय पक्ष ने उनके कार्यालय को सूचित किया कि उन्होंने नेपाल में संबंधित अधिकारियों को पहले ही सूचित कर दिया था और भरोसा दिलाया कि भविष्य में हवाई क्षेत्र का ऐसा उल्लंघन नहीं होगा.
India धारचूला जिले के बाहरी इलाके में विवादित कालापानी क्षेत्र में सैन्य मौजूदगी बनाए हुए है, जिस क्षेत्र पर नेपाल और India दोनों अपना दावा करते हैं. कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा क्षेत्रों को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से सीमा विवाद चल रहा है, जो द्विपक्षीय संबंधों में तनाव के मुख्य कारणों में से एक रहा है.
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डीसीएच/
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