
New Delhi, 10 जून . Prime Minister Narendra Modi के कार्यकाल के 4399 दिन पूरे हो गए हैं. इस अवसर पर नागालैंड के पूर्व Chief Minister एस.सी. जमीर ने उनकी कार्यशैली और नेतृत्व शैली को लेकर विस्तार से अपनी राय रखी. अपने शुरुआती Political जीवन में पंडित जवाहरलाल नेहरू के संसदीय सचिव के रूप में काम कर चुके जमीर ने नेहरू और मोदी के नेतृत्व की तुलना करते हुए दोनों के बीच स्पष्ट अंतर बताया.
मोदी स्टोरी में एस.सी. जमीर ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू एक दार्शनिक सोच वाले नेता थे, जबकि Prime Minister Narendra Modi पूरी तरह व्यवहारिक (प्रैक्टिकल) नेता हैं. उनके अनुसार, दोनों नेताओं की कार्यशैली में यही सबसे बड़ा अंतर है.
जमीर ने कहा कि Prime Minister मोदी किसी भी मुद्दे को केवल अधिकारियों के भरोसे नहीं छोड़ते, बल्कि स्वयं उसमें रुचि लेकर समाधान की दिशा में काम करते हैं. उन्होंने कहा, “यदि आप कोई समस्या उनके सामने रखते हैं तो वह बिना किसी मध्यस्थ के खुद उस पर ध्यान देते हैं और समाधान निकालने का प्रयास करते हैं.”
उन्होंने कहा कि नेहरू के दौर में प्रशासनिक व्यवस्था काफी हद तक अधिकारियों और संस्थागत प्रक्रियाओं पर निर्भर थी, जिसके कारण कई बार जमीनी समस्याएं Prime Minister तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाती थीं. इसके विपरीत Prime Minister मोदी सीधे संवाद और व्यक्तिगत भागीदारी के जरिए देशभर की चुनौतियों को समझने का प्रयास करते हैं, जिससे उन्हें विशेष रूप से पूर्वोत्तर India जैसे क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष अनुभव मिलता है.
पूर्व Chief Minister ने कहा कि आजादी के शुरुआती वर्षों में देश की प्रशासनिक व्यवस्था पर ब्रिटिश कार्यशैली और औपनिवेशिक संस्कृति का काफी प्रभाव था, लेकिन आज India ने अपनी कार्यप्रणाली विकसित कर ली है, जिससे Prime Minister मोदी आम लोगों और विभिन्न वर्गों के लिए पहले की तुलना में कहीं अधिक सुलभ दिखाई देते हैं. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी खुलकर अपनी बात रखते हैं और अपनी राय स्पष्ट रूप से व्यक्त करते हैं, जो उनके कई पूर्ववर्ती प्रधानमंत्रियों से अलग शैली है.
देश की आर्थिक नीतियों का जिक्र करते हुए एस.सी. जमीर ने कहा कि नेहरू Government ने सोवियत संघ की तर्ज पर नियोजित अर्थव्यवस्था (प्लान्ड इकोनॉमी) का मॉडल अपनाया था, जहां लाइसेंस व्यवस्था और सरकारी नियंत्रण का व्यापक प्रभाव था. उनके मुताबिक उस व्यवस्था के कारण देश की आर्थिक प्रगति सीमित रही. उन्होंने कहा कि Prime Minister मोदी के नेतृत्व में आर्थिक सोच में आए बदलावों का असर आज दिखाई दे रहा है और India दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है.
पूर्व Chief Minister ने पूर्वोत्तर India के विकास का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र लंबे समय तक उपेक्षा का शिकार रहा. उन्होंने कहा कि Prime Minister मोदी के सत्ता में आने के बाद इस क्षेत्र को अभूतपूर्व प्राथमिकता मिली है. विकास परियोजनाओं और वित्तीय सहायता का स्तर पहले की तुलना में कई गुना बढ़ गया है.
उन्होंने अपने Chief Minister कार्यकाल को याद करते हुए कहा, “जब मैं Chief Minister था तब कई बार बजट केवल 10 से 20 करोड़ रुपये के आसपास होता था, लेकिन आज पूर्वोत्तर क्षेत्र में होने वाला निवेश और विकास कार्य बिल्कुल अलग स्तर पर पहुंच चुका है. उस समय हम जिस स्तर की सहायता की कल्पना भी नहीं कर सकते थे, आज वह वास्तविकता बन चुकी है.”
एस.सी. जमीर ने Prime Minister मोदी के नेतृत्व की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि नागा शांति प्रक्रिया को भी बताया. उन्होंने कहा कि पहली बार नागा उग्रवादी संगठनों ने दो महत्वपूर्ण Political समझौतों पर हस्ताक्षर करने की सहमति दी, जिसे क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा सकता है.
उन्होंने कहा कि Prime Minister मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर India के विकास, आधारभूत संरचना के विस्तार और शांति प्रक्रिया को नई गति मिली है, जिसका लाभ आने वाले वर्षों में और अधिक देखने को मिलेगा.
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डीएससी
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