‘जापान के साथ बातचीत जारी, 2027 में शुरू होगा पहला चरण’, बुलेट ट्रेन पर उठ रहे सवालों पर एमईए का जवाब

नई द‍िल्‍ली, 17 जुलाई . विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने New Delhi में Friday को आयोज‍ित साप्‍ताह‍िक मीडिया ब्रीफिंग में Mumbai -Ahmedabad हाई स्पीड रेल (एमएएचएसआर) प्रोजेक्ट की प्रगति को अच्‍छा बताया. साथ ही जापान के पूर्व मंत्री के आरोप को नकारते हुए साफ क‍िया क‍ि इस मामले में जापान की ओर से कोई अलग प्रस्ताव नहीं मिला था. परियोजना का काम तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ रहा है.

हर दो हफ्ते में होने वाली मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुलेट ट्रेन पर‍ियोजना को लेकर उठ रहे सवालों पर भी बात की.

इस दौरान पत्रकारों ने जापान की ओर से लगाए गए आरोपों पर सवाल क‍िया. ज‍िसके जवाब में जायसवाल ने कहा क‍ि जिस ‘पोस्ट’ का ज‍िक्र किया गया है, हमने उसे देखा है. यह एक व्यक्ति की राय है, जो तथ्यों से काफी अलग है. जापान की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं मिला था.

दरअसल, India में बुलेट ट्रेन पर‍ियोजना में देरी को लेकर जापान के पूर्व मंत्री ने सोशल मीड‍िया पर एक ‘पोस्‍ट’ करते हुए India पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने India के ख‍िलाफ वादाख‍िलाफी की बात कही थी.

प्रवक्ता जायसवाल ने बताया क‍ि Mumbai -Ahmedabad हाई-स्पीड ट्रेन को लेकर India और जापान के बीच बातचीत वास्तव में अच्छी तरह आगे बढ़ रही है. जापान ई-20 सीरीज की ट्रेनें उपलब्ध कराएगा, लेकिन यह 2030 के शुरुआती वर्षों में ही संभव होगा. यह ट्रेन अभी भी तैयार की जा रही है.

उन्‍होंने कहा क‍ि प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसका पहला हिस्सा 2027 में ही शुरू कर दिया जाएगा. इसलिए दोनों देशों ने सहमति बनाई है कि शुरुआत भारतीय हाई-स्पीड ट्रेन से की जाएगी. इसी के अनुसार सिग्नलिंग उपकरण का ऑर्डर दे दिया गया है और यह अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है.

उन्‍होंने बताया क‍ि इस मामले में जापान की ओर से कोई अलग प्रस्ताव नहीं मिला था. परियोजना का काम तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ रहा है और दोनों देशों का लक्ष्य है कि हाई स्पीड ट्रेन सेवा जल्द से जल्द शुरू हो.

एवाई/एबीएम