नीट पेपर लीक केस: फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दिया पब्लिक प्रोसिक्यूटर की नियुक्ति का निर्देश, 3 अगस्त को अगली सुनवाई

New Delhi, 27 जुलाई . दिल्ली की राऊज एवेन्यू फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई का पक्ष रखने के लिए एक प्रॉसिक्यूटर की नियुक्ति का निर्देश दिया है. इसी बीच, कोर्ट ने आरोपी दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई टाल दी. अब इस मामले में सुनवाई 3 अगस्त को होगी.

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में Monday को फास्ट ट्रैक कोर्ट की ओर से की जाने वाली यह पहली सुनवाई थी. कोर्ट ने संबंधित डायरेक्टर ऑफ प्रॉसिक्यूशन को निर्देश दिया कि वे नीट-यूजी पेपर लीक मामले में राज्य सीबीआई का पक्ष रखने के लिए एक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त करें.

वहीं, सीबीआई की तरफ से मामले की सुनवाई में कोई वकील कोर्ट में पेश नहीं हुआ. इसके कारण कोर्ट ने दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई टाल दी. आरोपियों की ओर से वकील एपी सिंह पेश हुए.

बता दें कि दिनेश बिवाल और विकास बिवाल उन 13 आरोपियों में शामिल हैं जिन्हें सीबीआई ने तय परीक्षा की तारीख से पहले नीट-यूजी पेपर लीक करने के कथित अपराध में गिरफ्तार किया था. सभी आरोपी 6 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में हैं. 12 मई को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर First Information Report दर्ज की गई थी.

23 जुलाई को राऊज एवेन्यू कोर्ट में ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) एक्ट-2024’ और इससे जुड़े अन्य अपराधों की सुनवाई के लिए एक फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई गई. इससे जुड़े सभी मामले फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रांसफर कर दिए जाएंगे.

उधर, जंतर-मंतर पर हुई Police कार्रवाई को लेकर दाखिल याचिकाओं पर Supreme Court Tuesday को सुनवाई करेगा. एक वकील ने कोर्ट को बताया कि Police अधिकारियों की पीट-पीटकर हत्या करने की कोशिश की गई थी. इस पर जस्टिस बागची ने कहा कि हर व्यक्ति का जीवन महत्वपूर्ण है, चाहे वह कोई भी हो.

मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने कहा, “एक प्रोटोकॉल होना चाहिए. उचित जगह होनी चाहिए और कोई प्रतिबंध नहीं होना चाहिए. लेकिन अगर कोई असामाजिक तत्व वगैरह हैं, तो उनसे निपटा जा सकता है. यह सिर्फ दिल्ली का सवाल नहीं है. प्रोटोकॉल में एकरूपता की जरूरत है.”

सीजेआई ने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार पूरी तरह से गारंटीकृत है. इससे इनकार नहीं किया जा सकता. सिर्फ इसलिए कि कोई आंदोलन हो रहा है, Police की ज्यादती को सही नहीं ठहराया जा सकता. उन्होंने ऐसे विरोध प्रदर्शनों के दौरान खुद से अनुशासन बनाए रखने का आग्रह किया.

आखिरकार कोर्ट ने आदेश दिया कि इस मामले से जुड़ी सभी याचिकाओं पर Tuesday , 28 जुलाई को सुनवाई होगी.

डीसीएच/