नीट मामला: राहुल गांधी ने रखीं तीन मांगें, ‘शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, जिम्मेदारों पर कार्रवाई और सरकार से माफी की अपील’

New Delhi, 22 जुलाई . नीट परीक्षा में पेपर लीक और छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र Government के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं.

राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में हुई गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम को लेकर Prime Minister को देश के छात्रों से माफी मांगनी चाहिए. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था ने गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों का भरोसा तोड़ा है और Government उनकी आवाज सुनने के बजाय उन्हें दबाने की कोशिश कर रही है.

कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने दायित्वों का निर्वहन करने में विफल रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं के बावजूद शिक्षा मंत्रालय प्रभावी कदम नहीं उठा सका. राहुल ने कहा कि ऐसे में शिक्षा मंत्री को पद छोड़ देना चाहिए.

राहुल गांधी ने कहा कि नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और छात्रों के खिलाफ कथित बल प्रयोग के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि केवल निचले स्तर पर नहीं, बल्कि आदेश देने वाले और पूरे तंत्र के लिए जिम्मेदार लोगों की भी जवाबदेही तय की जानी चाहिए.

राहुल गांधी ने कहा कि पूरे मामले की अंतिम जवाबदेही Government के शीर्ष नेतृत्व की है. उन्होंने मांग की कि Prime Minister छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और स्वीकार करें कि परीक्षा प्रणाली में गंभीर खामियां रही हैं.

राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुईं, जिससे करीब 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए. उन्होंने आरोप लगाया कि इतने मामलों के बावजूद किसी भी आरोपी को सजा नहीं मिली, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों के साथ अन्याय कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में परिवार लाखों रुपये खर्च करते हैं और छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों का आंदोलन पूरी तरह वैध है और वे केवल निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली तथा पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं. उनके मुताबिक, Government को छात्रों की मांगों पर संवेदनशीलता से विचार करना चाहिए, न कि उनकी आवाज दबाने का प्रयास करना चाहिए.

डीएससी