एनडीए सांसदों ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा-बयानबाजी छोड़ बिल के प्रावधानों पर चर्चा करें राहुल गांधी

New Delhi, 29 जुलाई . संसद के मॉनसून सत्र के दौरान भाजपा के सांसदों ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर आरोप लगाया कि वे विधेयक पर चर्चा करने के बजाय Political बयानबाजी कर रहे हैं. वहीं, विपक्ष की ओर से Government पर छात्रों से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज करने और गंभीर सवालों से बचने का आरोप लगाया गया.

Union Minister किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संसदीय लोकतंत्र में बातचीत का स्तर गरिमापूर्ण और मर्यादित होना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुकूल नहीं है. Political मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन नेताओं को सभ्य और विनम्र भाषा का प्रयोग करना चाहिए.

रिजिजू ने विधेयक पर कांग्रेस के रुख की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस सदस्यों ने बिल के प्रावधानों पर चर्चा करने के बजाय केवल Political मुद्दे उठाए. यह छात्रों के हितों से जुड़ा महत्वपूर्ण कानून है और विपक्ष को इस पर गंभीर चर्चा करनी चाहिए. Government छात्रों की मांगों को ध्यान में रखते हुए मजबूत विधेयक लेकर आई है और Prime Minister Narendra Modi के फैसलों से छात्रों का भरोसा बढ़ा है.

उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी के पास परीक्षा व्यवस्था या छात्रों से जुड़े विषयों पर कोई सुझाव हैं, तो उन्हें संसद में रखा जाना चाहिए. विपक्ष मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने राहुल गांधी से अपील की कि वे अपने भाषण में कम से कम कुछ समय विधेयक के वास्तविक प्रावधानों पर चर्चा करें.

केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ ने विपक्ष पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र जनता और जनता के प्रति जवाबदेही के सिद्धांतों पर चलता है, लेकिन विपक्ष इन जिम्मेदारियों को गंभीरता से नहीं ले रहा है.

Jharkhand में कथित पेपर लीक मामलों का जिक्र करते हुए संजय सेठ ने राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं से सवाल किया कि वे राज्य Government के खिलाफ प्रदर्शन कब करेंगे और जांच की मांग कब उठाएंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि Jharkhand में लगातार परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के मामले सामने आ रहे हैं.

सेठ ने कहा कि राज्य में जेपीएससी और जेएसएससी जैसी परीक्षाओं को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि जिस परीक्षा एजेंसी को लेकर विवाद सामने आए हैं, उस पर पहले भी सवाल उठाए गए थे, फिर भी उसे परीक्षा कराने की जिम्मेदारी दी गई.

उन्होंने सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा का उदाहरण देते हुए कहा कि हजारों पद खाली रहने के बावजूद प्रक्रिया में देरी हुई और परिणामों को लेकर लगातार विवाद बना रहा. सेठ ने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों को लेकर छात्रों के बीच अविश्वास पैदा हो रहा है और इसकी जिम्मेदारी राज्य Government को लेनी चाहिए.

BJP MP शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि संसद में चर्चा का मूल मुद्दा कुछ और था, लेकिन विपक्ष ने बहस को दूसरी दिशा में मोड़ दिया. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे बड़े-बड़े बयान देते हैं, लेकिन छात्रों के संघर्ष और वास्तविक परिस्थितियों को समझने का दावा नहीं कर सकते.

त्रिपाठी ने Union Minister प्रह्लाद जोशी का बचाव करते हुए कहा कि वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और लंबे Political अनुभव के आधार पर जिम्मेदार पदों पर हैं. उन्होंने कहा कि जोशी पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और उनका विधेयक से कोई सीधा संबंध नहीं है.

BJP MP ने कहा कि Government का उद्देश्य छात्रों के भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाना है, जबकि कांग्रेस इस विषय को Political रंग देने की कोशिश कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी Political जमीन कमजोर होने के कारण ऐसे मुद्दों को सड़क पर ले जाने की कोशिश कर रही है.

BJP MP आदित्य प्रसाद साहू ने भी Jharkhand Government पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के समर्थन से चल रही Government के कार्यकाल में लगातार परीक्षा पेपर लीक के मामले सामने आए हैं.

साहू ने जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. उन्होंने एक्साइज कॉन्स्टेबल परीक्षा के दौरान हुई मौतों का मुद्दा उठाते हुए Government से जवाब मांगा.

BJP MP ने मांग की कि परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो से कराई जाए. उन्होंने कहा कि जिन छात्रों की मौत हुई है, उनके परिवारों को आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए. राज्य Government अपनी एजेंसियों के जरिए मामले की जांच कराकर सच्चाई दबाने की कोशिश कर रही है.

BJP MP सतीश पूनिया ने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को राजनीति विरासत में मिली है, जबकि प्रह्लाद जोशी ने मेहनत और संगठनात्मक कार्यों के जरिए अपनी पहचान बनाई है. उन्होंने कहा कि जोशी के खिलाफ लगाए गए आरोपों का कोई आधार नहीं है.

BJP MP संजय जायसवाल ने कहा कि Supreme Court के फैसलों का सम्मान करना हर जिम्मेदार व्यक्ति का कर्तव्य है. उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं के निर्णयों को स्वीकार करना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है.

BJP MP रेखा शर्मा ने प्रियंका गांधी की टिप्पणियों को बेबुनियाद बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शिक्षा से जुड़े विधेयक को Political मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है, जबकि यह छात्रों के हित से जुड़ा विषय है.

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