एनडीए के नेताओं ने कहा, देश की जनता को पीएम मोदी पर भरोसा है

New Delhi, 16 अप्रैल . महिला आरक्षण बिल को लेकर जहां देशभर की महिलाओं ने Prime Minister Narendra Modi की खुलकर सराहना की है, वहीं संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र के पहले दिन Thursday को विपक्ष ने सदन में भारी हंगामा कर दिया. विपक्ष के इस विरोध और हंगामे पर एनडीए नेताओं ने जवाब देते हुए कहा कि देश की जनता विपक्ष के आरोपों और दावों पर नहीं, बल्कि सदन में Prime Minister Narendra Modi के स्पष्ट संबोधन पर भरोसा रखती है.

महिला आरक्षण विधेयक पर Union Minister गिरिराज सिंह ने कहा कि विपक्ष ने भ्रम फैलाने के लिए कई सवाल उठाए हैं. Prime Minister ने इस मामले को स्पष्ट किया और उसके बाद गृह मंत्री ने हर बात विस्तार से समझाई. इसके बावजूद यदि विपक्ष संदेह और आपत्तियां उठाता रहता है तो देश की जनता Prime Minister के शब्दों पर भरोसा करती है.

केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि अखिलेश यादव का यह बयान कि नारी को महज एक नारा बनाकर रख दिया गया है, पूरी तरह गुमराह करने वाला है. हजारों वर्षों से महिलाएं आर्थिक, सामाजिक और Political हाशिए पर रहीं और उनके अधिकारों से वंचित रखा गया. Prime Minister ने इसी समस्या को दूर करने का काम किया है. गुलामी के दौर से लेकर दिल्ली सल्तनत, लोधी, तुगलक और मुगल काल तक महिलाओं को डर और उत्पीड़न के कारण कष्ट झेलने पड़े.

Lok Sabha में Prime Minister Narendra Modi के भाषण पर लोजपा (राम विलास) सांसद शांभवी चौधरी ने कहा कि पीएम मोदी ने बिल्कुल सही कहा है. हमने अक्सर देखा है कि विपक्षी Governmentों की नीयत साफ नहीं रही, इसी वजह से यह बिल इतने सालों तक अटका रहा और पास नहीं हो पाया. महिलाओं को सशक्त बनाना और इस देश में महिलाओं का नेतृत्व स्थापित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है. जब Governmentें बनती हैं और सभी सांसद चुने जाते हैं तो महिलाओं के वोटों की भी गिनती होती है, क्योंकि वे महत्वपूर्ण हैं.

भाजपा नेता खुशबू सुंदर ने महिला आरक्षण बिल पर कहा कि मुझे लगता है कि एक महिला के तौर पर यह मेरे लिए बहुत गर्व का पल है. मैं हमारे Prime Minister मोदी को धन्यवाद देना चाहूंगी कि उन्होंने हमें यह खुशी दी. हम महिलाएं 33 प्रतिशत आरक्षण के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रही थीं और आज जब यह सपना सच हुआ है. यह एक ऐसा सपना था जिसका हम लंबे समय से इंतजार कर रहे थे.

डीकेएम/डीकेपी