आंध्र प्रदेश की चारों राज्यसभा सीटों पर एनडीए का कब्जा, टीडीपी के तीन और जनसेना के एक उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित

अमरावती, 11 जून . आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने राज्यसभा की सभी चार सीटों पर कब्जा कर लिया है. तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के तीन और जनसेना पार्टी (जेएसपी) के एक उम्मीदवार Thursday को निर्विरोध राज्यसभा सदस्य निर्वाचित घोषित किए गए.

नामांकन वापस लेने की अंतिम समय सीमा समाप्त होने के बाद कोई अन्य उम्मीदवार मैदान में नहीं बचा. इसके बाद निर्वाचन अधिकारी ने टीडीपी के सना सतीश बाबू, भाष्यम रामकृष्ण और चिंतकायाला विजय तथा जनसेना के लिंगमनेनी रमेश को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया. इन चार सीटों के लिए 18 जून को मतदान प्रस्तावित था.

आंध्र प्रदेश से राज्यसभा की ये सीटें वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अल्ला अयोध्या रामी रेड्डी, परिमल नाथवानी, पिल्ली सुभाषचंद्र बोस तथा टीडीपी के सना सतीश बाबू के कार्यकाल समाप्त होने के कारण रिक्त हुई थीं.

सना सतीश बाबू, जो टीडीपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नारा लोकेश के करीबी माने जाते हैं, दूसरी बार राज्यसभा पहुंचे हैं. वहीं भाष्यम रामकृष्ण, चिंतकायाला विजय और लिंगमनेनी रमेश पहली बार संसद के उच्च सदन के सदस्य बने हैं.

कापू समुदाय से आने वाले उद्योगपति से नेता बने सतीश बाबू 2024 में Lok Sabha टिकट के दावेदार थे, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिल सका. इसके बाद 2024 में हुए उपचुनाव में उन्हें राज्यसभा भेजा गया था.

भाष्यम रामकृष्ण एक प्रसिद्ध शिक्षाविद और उद्यमी हैं. उन्होंने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में संचालित निजी शैक्षणिक संस्थानों के ‘भाष्यम समूह’ की स्थापना की है. वे कम्मा समुदाय से आते हैं, जिससे Chief Minister एन. चंद्रबाबू नायडू भी संबंध रखते हैं.

चिंतकायाला विजय आंध्र प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष अय्यन्ना पात्रुडु के पुत्र हैं और उत्तर तटीय आंध्र के पिछड़ा वर्ग समुदाय से आते हैं. उन्हें युवा नेताओं में गिना जाता है और वे भी नारा लोकेश के करीबी माने जाते हैं.

लिंगमनेनी रमेश के निर्वाचन के साथ, उपChief Minister पवन कल्याण के नेतृत्व वाली जनसेना पार्टी ने पहली बार राज्यसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है. रमेश वर्ष 2015 से जनसेना से जुड़े हुए हैं.

राज्य विधानसभा में भारी बहुमत के दम पर एनडीए ने राज्यसभा चुनाव में क्लीन स्वीप किया. 175 सदस्यीय विधानसभा में टीडीपी के 135, जनसेना के 21 और भाजपा के आठ विधायक हैं, जबकि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के पास केवल 11 सीटें हैं.

डीएससी