
New Delhi, 26 जुलाई . राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने Sunday को महिला एवं बाल विकास (डब्ल्यूसीडी) मंत्रालय के प्रमुख राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम मिशन पोषण 2.0 के महत्व को बताया.
विजया रहाटकर ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संदेश में मंत्रालय द्वारा जारी एक पोस्ट को दोबारा साझा किया. इसमें कहा गया, “मिशन पोषण 2.0 एक पोषित India की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. बच्चों, किशोरियों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल सेवाओं से जोड़कर यह मिशन एक सशक्त भविष्य की नींव रख रहा है.”
महिला और बाल विकास मंत्रालय ने कहा कि पोषण अभियान के आठ साल पूरे होने के साथ ही यह मिशन पोषण संबंधी चुनौतियों से निपटने में समन्वय, तकनीक आधारित प्रशासन और सामुदायिक भागीदारी पर बढ़ते जोर को दर्शाता है. कार्यक्रम का विकास पोषण सुधारने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के बीच समन्वित प्रयास, बेहतर सेवा वितरण व्यवस्था और लगातार व्यवहार में बदलाव के महत्व को दिखाता है.
मंत्रालय ने कहा कि मिशन पोषण 2.0 में सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने, शुरुआती बचपन की देखभाल को बढ़ाने और अंतिम स्तर तक सेवाएं पहुंचाने वाली व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है. पोषण को स्वास्थ्य, शुरुआती बचपन की देखभाल, शिक्षा और सामुदायिक भागीदारी से जोड़कर यह मिशन कमजोर वर्गों के सहयोग के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाता है.
मंत्रालय ने कहा कि देश में मानव संसाधन के विकास से पोषण का गहरा संबंध है, क्योंकि बेहतर पोषण से स्वास्थ्य, सीखने की क्षमता और उत्पादकता में सुधार होता है. 2047 तक विकसित India के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए पोषण, शुरुआती बचपन के विकास और सेवा वितरण व्यवस्था में लगातार निवेश स्वस्थ, सक्षम और मजबूत आबादी तैयार करने के लिए जरूरी रहेगा.
रहाटकर ने Maharashtra के पुणे जिले में प्रशासनिक और Police अधिकारियों के लिए आयोजित एक प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी भी साझा की.
उन्होंने Saturday को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “जिला मजिस्ट्रेटों और जिला Police अधीक्षकों के लिए ‘चेंज के लिए उत्प्रेरक’ के तहत आयोजित नेतृत्व विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आज सफलतापूर्वक समाप्त हुआ.”
उन्होंने कहा कि समापन सत्र के दौरान जिला मजिस्ट्रेटों और जिला Police अधीक्षकों से महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए 10 सूत्रीय कार्य योजना पर विशेष ध्यान देने को कहा गया.
रहाटकर द्वारा बताए गए कार्य योजना के बिंदुओं में महिला कल्याण योजनाओं का नियमित ऑडिट और प्रभावी क्रियान्वयन, सभी योजनाओं की डिजिटल निगरानी और समय पर समीक्षा, सुरक्षा अधिकारी, बाल विवाह निषेध अधिकारी और पीओएसएच स्थानीय समिति सहित सभी खाली पदों पर जल्द नियुक्तियां शामिल हैं.
एक्शन प्लान में कहा गया, “वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन, डीएलएसए, सुरक्षा अधिकारी, एएचटीयू, महिलाओं के खिलाफ अपराध (सीएडब्ल्यू) सेल और परामर्श सेवाओं के बीच मजबूत समन्वय स्थापित किया जाए. जिला मजिस्ट्रेट और Police अधीक्षक की अध्यक्षता में हर तिमाही जेंडर समीक्षा बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए और महिलाओं की शिकायतों के तेज, पारदर्शी और प्रभावी समाधान के लिए मजबूत व्यवस्था विकसित की जाए.”
रहाटकर द्वारा साझा की गई कार्य योजना में कहा गया, “महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में First Information Report , जांच और चार्जशीट तय समय सीमा में पूरी की जाएं. Police और संबंधित अधिकारियों के लिए नियमित जेंडर संवेदनशीलता प्रशिक्षण आयोजित किया जाए. एनजीओ, सीआरपी, आशा कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी सेवाओं के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाए.”
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों, हेल्पलाइन और उपलब्ध सहायता सेवाओं को लेकर व्यापक जन जागरूकता अभियान भी चलाने चाहिए.
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एएमटी/डीकेपी
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