महाराष्ट्र: विधायकों के पाला बदलने की खबरों का एनसीपी ने किया खंडन, बताया अफवाह

Mumbai , 20 मई . अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने Wednesday को मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन किया है, जिनमें दावा किया गया था कि पार्टी के 22 विधायक शरद पवार की एनसीपी (एनसीपी-एसपी) के संपर्क में हैं. पार्टी ने इन खबरों को पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताया है.

पार्टी के प्रवक्ता उमेश पाटिल ने पत्रकारों से कहा कि एक भी विधायक शरद पवार की पार्टी के संपर्क में नहीं है और न ही किसी विधायक ने Political उद्देश्य से उनसे मुलाकात की है.

पाटिल ने यह भी बताया कि पिछले हफ्ते राज्य अध्यक्ष और सांसद सुनील तटकरे ने केवल शिष्टाचार मुलाकात के लिए शरद पवार से उनके स्वास्थ्य का हाल जानने के लिए मुलाकात की थी. तटकरे ने खुद इस मुलाकात के बाद मीडिया को यह बात स्पष्ट कर दी थी.

खबरों के बाद में दावा किया गया था कि एनसीपी के 22 विधायक शरद पवार की गुट में जाने की योजना बना रहे हैं. इस पर पाटिल ने पार्टी के विधायक संजय बनसोडे और प्रताप पाटिल चिखलीकर के साथ पार्टी का पक्ष रखा और कहा कि पार्टी अजित पवार के नेतृत्व में पूरी तरह एकजुट है.

उन्होंने कहा, ”बिना किसी ठोस सबूत के सत्ताधारी पार्टी के विधायकों के विपक्ष में जाने की खबरें चलाना बेहद अनुचित है.” उन्होंने सवाल किया कि क्या मीडिया चैनलों के पास इस बात का कोई प्रमाण है कि 22 विधायकों ने शरद पवार से मुलाकात की है.

उन्होंने कहा कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस इसलिए बुलाई गई है ताकि इन लगातार फैल रही अफवाहों से विधायकों के बीच किसी तरह की गलतफहमी न पैदा हो.

पाटिल ने आगे कहा कि एनसीपी लोकतांत्रिक मूल्यों पर काम करती है.

उन्होंने कहा, ”एनसीपी में हर किसी को अपनी राय रखने और किसी से भी मिलने की आजादी है. हमारे विधायकों पर इस बात की कोई रोक नहीं है कि वे किससे मिलें या कहां जाएं, लेकिन मीडिया का एक वर्ग जानबूझकर गलत कहानी फैला रहा है.”

पार्टी की बढ़ती ताकत का जिक्र करते हुए पाटिल ने हाल ही में हुए Political शामिल होने का भी उल्लेख किया.

उन्होंने कहा, ”आज दिवंगत नेता वसंत दावखरे के पुत्र प्रबोध दावखरे एनसीपी में शामिल हुए हैं. कई और कार्यकर्ता, पदाधिकारी और नेता हमारी पार्टी में शामिल होने के इच्छुक हैं.”

पाटिल ने मीडिया से अपील की कि बिना पुष्टि के अफवाहें न फैलाएं और केवल जांच के बाद ही खबरें प्रसारित करें.

उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी ने अभी तक चुनाव आयोग को कोई नई चिट्ठी नहीं भेजी है, जिसमें राष्ट्रीय कार्यकारिणी से कुछ वरिष्ठ नेताओं के नाम हटने की त्रुटि को सुधारा गया हो. इसमें प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, छगन भुजबल और दिलीप वलसे पाटिल के नाम शामिल हैं.

उन्होंने कहा कि प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे अभी भी क्रमशः राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और Maharashtra प्रदेश अध्यक्ष के पद पर बने हुए हैं.

एएमटी/डीकेपी