नवाब मलिक के आरोपों पर एनसीबी ने रखा अपना पक्ष

मुंबई (Mumbai) . महाराष्‍ट्र के एनसीपी नेता नवाब मलिक की ओर से ड्रग्‍स मामले में लगाए गए आरोपों पर नारकोटिक्‍स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने अपना पक्ष रखा है. उसकी ओर से कहा गया है कि क्रूज शिप पर की गई छापेमारी और ड्रग्‍स की बरामदगी के सिलसिले में एजेंसी के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद और पूरी तरह से प्रेरित हैं. पिछले शनिवार (Saturday) को एनसीबी की इस छापेमारी में बॉलीवुड (Bollywood) अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को गिरफ्तार किया गया था. एनसीबी के जोनल डायरेक्‍टर समीर वानखेड़े ने कहा कि एजेंसी पेशेवर तरीके से काम करती है. हम कोई राजनीतिक दल या धर्म देखकर कार्रवाई नहीं करते हैं. हम पेशेवर तरीके से अपना काम करते हैं. एनसीबी महानिदेशक ज्ञानेश्वर सिंह ने कहा कि ऐसे बयान पूर्वधारणा पर आधारित हैं और दुर्भावनापूर्ण हैं. उन्‍होंने कहा कि एनसीबी के बारे में लोग क्या कहते हैं उस पर वह टिप्पणी नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि एनसीबी जिम्मेदार संगठन है. यह सबूतों के आधार पर काम करता है.एनसीबी का कहना है कि छापे के दिन 14 लोगों को एनसीबी के ऑफ‍िस लाया गया था. उनसे नोटिस जारी करके पूछताछ की गई थी लेकिन सबूत न मिलने के कारण उनमें से 6 लोगों को छोड़ा गया था और 8 को गिरफ्तार किया गया था.इस घटना ने एक राजनीतिक रंग ले लिया जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता व महाराष्ट्र (Maharashtra) के मंत्री नवाब मलिक ने हाल ही में दावा किया था कि यह छापा फर्जी था और इसमें बाहरी लोग संलिप्त थे. मलिक ने आरोप लगाया था कि एनसीबी ने शुरूआत में जहाज से 11 लोगों को हिरासत में लिया लेकिन उनमें से तीन को कुछ ही घंटों में छोड़ दिया. एनसीबी के एक अधिकारी ने कहा कि मलिक ने छापे में शामिल जिन दो लोगों को बाहरी बताया है, वे असल में कार्रवाई में शामिल नौ स्वतंत्र गवाहों में शामिल थे. वे दोनों छापे से पहले एनसीबी के लिए अनजान थे.

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