
अमरावती, 17 अप्रैल . भाजपा नेता नवनीत राणा ने Friday को नासिक टीसीएस में कथित लव जिहाद मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने नासिक टीसीएस और अचलपुर-परतवाड़ा में हुई घटना का जिक्र करते हुए Maharashtra राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य प्यारे खान पर निशाना साधा.
भाजपा नेता नवनीत राणा ने समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए सवाल किया कि जब नासिक में टीसीएस की बेचारी लड़कियों को बुर्का पहनने और बीफ-मटन खाने के लिए मजबूर किया जा रहा था, तब उनकी आवाज क्यों नहीं उठी?
उन्होंने कहा, “प्यारे खान ने तब आवाज क्यों नहीं उठाई, जब टीसीएस नासिक में यह घटना हुई थी? तब बेचारी लड़कियों को बुर्का पहनने के लिए मजबूर किया जा रहा था, उन्हें बीफ-मटन खाने के लिए मजबूर किया जा रहा था. आज अचलपुर-परतवाड़ा घटना को लेकर प्यारे खान के पेट में दर्द हो रहा है. प्यारे खान, आप क्या कह रहे हो? अगर कोई मेरी हिंदू बेटियों पर जुल्म करेगा, उनका वीडियो वायरल करेगा, उनका गलत इस्तेमाल करेगा तो नवनीत राणा मैदान में डटी रहेंगी. तुम जो चाहो कर सकते हो, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. पहले तुम जवाब दो.”
उन्होंने आगे कहा कि प्यारे खान हिंदू धर्म को समझते हैं, लेकिन Pakistan में कुछ अच्छा होता है तो उनका झंडा पूरे Maharashtra में लहराया जाता है. उन्होंने प्यारे खान से सवाल किया कि टीसीएस घटना में क्या कार्रवाई हुई? Police थानों में दर्ज ‘लव जिहाद’ के सभी मामलों पर प्यारे खान क्या कहते हैं? तथाकथित ‘कोचिंग जिहाद’ के मामलों पर उनका क्या रुख है?
नवनीत राणा ने अखिलेश यादव, उद्धव ठाकरे और प्रियंका गांधी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, “Political परिवारों की महिलाओं को पहले से ही प्लेटफॉर्म मिल जाता है, लेकिन आम कार्यकर्ताओं और मजदूरों की बेटियों को राजनीति में आने के लिए संघर्ष करना पड़ता है. मेरा अखिलेश यादव से भी एक सवाल है. जब आपकी जीवनसाथी Lok Sabha के सदस्य बनती हैं तो उन्हें मंच मिल जाता है, लेकिन आम कार्यकर्ताओं और मजदूरों की बेटियों को उस मंच तक पहुंचने के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है. जो कामकाजी महिला राजनीति में आना चाहती है, उसे कोई समर्थन नहीं मिलता. जहां आपके अपने परिवारों की महिलाओं को मंच मिल जाता है, वहीं Prime Minister मोदी ही इस देश की महिलाओं को मंच और अवसर दे रहे हैं.”
प्रियंका गांधी के संसद में महिला आरक्षण बिल पर दिए गए बयान पर नवनीत राणा ने व्यंग्य करते हुए कहा, “प्रियंका गांधी संसद में बोल रही थीं और अमित भाई हंस रहे थे. वह बिल पर नहीं हंस रहे थे, बल्कि उस तरीके पर हंस रहे थे जिस तरह से प्रियंका गांधी इस मुद्दे पर बोल रही थीं.”
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एससीएच/डीकेपी
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