
Mumbai , 20 जून . Maharashtra की राजनीति में सियासी बयानबाजियों का दौर लगातार जारी है. शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के हालिया एक्स पोस्ट और पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के इस्तीफे संबंधी बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन ने दोनों नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि Maharashtra की जनता बार-बार चुनावों में अपना फैसला सुना चुकी है और विपक्षी नेताओं को अब बयानबाजी छोड़ देना चाहिए.
संजय राउत के एक्स पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए नवनाथ बन ने कहा कि राउत प्रतिदिन सुबह Political विरोधियों पर व्यक्तिगत टिप्पणियां करते हैं और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं. संजय राउत हर सुबह नौ बजे लोगों को अपशब्द कहते हैं, गाली-गलौज करते हैं और Political माहौल को खराब करने का काम करते हैं. Maharashtra की जनता पहले ही तय कर चुकी है कि कौन गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार कर रहा है और कौन जनता के मुद्दों पर सही जवाब दे रहा है.
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि संजय राउत अपनी ही पार्टी और सहयोगियों के हितों की रक्षा करने के बजाय Political विरोधियों पर निशाना साधने में व्यस्त रहते हैं. जनता ऐसे व्यवहार को पसंद नहीं करती और यही कारण है कि चुनावों में लगातार उसका असर देखने को मिला है. Maharashtra की जनता ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से कई बार अपना स्पष्ट संदेश दिया है. चाहे Lok Sabha चुनाव हों, विधानसभा चुनाव हों या स्थानीय निकाय चुनाव, मतदाताओं ने ऐसी राजनीति को स्वीकार नहीं किया है. संजय राउत को बयानबाजी या नौटंकी करने का काम बंद करना चाहिए.
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा दिए गए इस्तीफे संबंधी बयान पर भी भाजपा प्रवक्ता ने कटाक्ष किया. नवनाथ बन ने कहा कि उद्धव ठाकरे पहले भी कई Political घोषणाएं कर चुके हैं, लेकिन बाद में उनसे पीछे हट गए.
उन्होंने कहा कि आपको याद होगा कि उद्धव ठाकरे ने पहले कहा था कि वे अपने विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे, लेकिन वे वर्षों तक पद पर बने रहे. उन्होंने यह भी कहा था कि वे कभी कांग्रेस के साथ हाथ नहीं मिलाएंगे, लेकिन बाद में कांग्रेस के साथ गठबंधन कर लिया. उद्धव ठाकरे ने इस बार भी इस्तीफा देने की बात कही है, लेकिन हमें लगता है कि इस बार भी वे यूटर्न लेंगे और बाद में कहेंगे कि जनता की मांग पर वे पद पर बने हुए हैं.
नवनाथ बन ने आगे कहा कि जनता ने अपने जनादेश के माध्यम से यह स्पष्ट कर दिया है कि उद्धव ठाकरे न तो बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को आगे बढ़ाने में सफल रहे हैं और न ही पार्टी को उसी दिशा में ले जा पाए हैं, जिसकी अपेक्षा उनके समर्थक करते थे. Maharashtra की जनता ने उन्हें घर पर बैठाने का काम किया है, इस बार भी इस्तीफा देने के मुद्दे पर वह यू-टर्न लेंगे.
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