
New Delhi, 21 जुलाई . कहा जाता है कि 19वीं सदी के मध्य में जब अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर और मशहूर शायर मिर्जा गालिब एक बाग में टहल रहे थे, तब गालिब की नजर पके आमों से लदे एक पेड़ पर पड़ी. इसे देखकर बादशाह ने अगले ही दिन उन्हें बेहतरीन आमों की एक टोकरी भिजवा दी. गालिब ने अपने जीवन में 63 प्रकार के आमों का स्वाद चखने का दावा किया था और अपनी रचनाओं में आम की भरपूर प्रशंसा की है. फलों के राजा आम के स्वाद, स्वास्थ्य लाभ तथा उसके सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक महत्व के सम्मान में हर वर्ष 22 जुलाई को राष्ट्रीय आम दिवस मनाया जाता है.
वर्ष 1987 में India के राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड ने आम को सम्मानित करने और उसे बढ़ावा देने के लिए इस दिवस की शुरुआत की थी. जो किसानों, जैव विविधता और कृषि-अर्थव्यवस्था के महत्व को भी दर्शाता है.
आम केवल एक स्वादिष्ट फल ही नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता और संस्कृति का भी अभिन्न हिस्सा रहा है. माना जाता है कि इसकी उत्पत्ति पूर्वोत्तर भारत, म्यांमार और बांग्लादेश के क्षेत्रों में हुई. वेदों, पुराणों और महाकवि कालिदास की रचनाओं में ‘आम्र’ का उल्लेख मिलता है, जहां इसे जीवन, प्रेम और समृद्धि का प्रतीक बताया गया है. बौद्ध परंपरा में भी आम के उपवनों का विशेष महत्व है. किंवदंतियों के अनुसार भगवान बुद्ध ने एक आम के पेड़ के नीचे बैठकर ध्यान लगाया था.
मुगल सम्राट बाबर ने अपनी आत्मकथा ‘बाबरनामा’ में आम का उल्लेख किया है. वहीं, उनके पोते सम्राट अकबर के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने बिहार के दरभंगा क्षेत्र में करीब एक लाख आम के पेड़ लगवाए, जिसे ‘लाखी बाग’ के नाम से जाना गया. 16वीं शताब्दी में India आए पुर्तगालियों ने गोवा में आम की कलम बांधने (ग्राफ्टिंग) की तकनीक को व्यापक रूप से अपनाने और विकसित करने में योगदान दिया, जिससे कई प्रसिद्ध किस्मों का विकास हुआ. बाद में पुर्तगाली और अरब व्यापारियों के माध्यम से आम अफ्रीका, ब्राजील और कैरेबियाई देशों तक पहुंचा.
वर्तमान में India में आम की 1,000 से अधिक किस्में उगाई जाती हैं. इनमें से कई किस्मों को उनके विशिष्ट स्वाद, गुणवत्ता और क्षेत्रीय पहचान के आधार पर भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग प्राप्त है.
देश की प्रमुख आम किस्मों में उत्तर प्रदेश का मलिहाबादी दशहरी, Gujarat का गिर केसर, वाराणसी का लंगड़ा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश का चौसा, Maharashtra का अल्फोंसो तथा बागपत का रतौल प्रमुख हैं. वहीं, बिहार का सबसे प्रमुख और दुनिया भर में प्रसिद्ध आम भागलपुर का जर्दालू आम है, जिसे जीआई टैग भी मिला हुआ है.
कृषि और अर्थव्यवस्था के लिहाज से India दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है. वैश्विक उत्पादन में उसकी हिस्सेदारी लगभग 45 से 50 प्रतिशत मानी जाती है. उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और Maharashtra देश के प्रमुख आम उत्पादक राज्यों में शामिल हैं.
पोषण के दृष्टिकोण से आम फाइबर, विटामिन-सी, विटामिन-ए और एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत माना जाता है. एक मध्यम आकार का आम दैनिक फाइबर की आवश्यकता का महत्वपूर्ण हिस्सा पूरा कर सकता है और इसमें संतरे की तुलना में अधिक मात्रा में विटामिन-सी पाया जाता है.
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एएस
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