भारत-ब्रिटेन तकनीकी साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए नैसकॉम ने टेक्नोलॉजी एडवाइजरी काउंसिल का किया गठन

New Delhi, 11 जून . आईटी इंडस्ट्री की प्रमुख संस्था नैसकॉम ने ब्रिटेन टेक्नोलॉजी एडवाइजरी काउंसिल (टीएसी) के गठन की घोषणा की है, जो ब्रिटेन में भारतीय उच्चायोग के लिए एक रणनीतिक उद्योग सलाहकार निकाय के रूप में काम करेगी और भारत-ब्रिटेन तकनीकी साझेदारी को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए सुझाव देगी. यह घोषणा Thursday को की गई.

इस पहल का उद्देश्य Governmentों के नेतृत्व वाले तकनीकी सुरक्षा कार्यक्रमों को बढ़ावा देना, एआई के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना, सीमा-पार व्यापार और निवेश को प्रोत्साहित करना, प्रतिभा विकास को मजबूत करना तथा कारोबार करने की प्रक्रिया को आसान बनाना है. इससे मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने और ‘विजन 2035’ के लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी.

टेक्नोलॉजी एडवाइजरी काउंसिल का मुख्य फोकस भारत-ब्रिटेन टेक्नोलॉजी कॉरिडोर को मजबूत करना होगा. इसके साथ ही भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियों को ब्रिटेन की डिजिटल महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने में एक भरोसेमंद और विश्वसनीय साझेदार के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा.

वर्तमान में ब्रिटेन भारतीय प्रौद्योगिकी उद्योग के लिए दूसरा सबसे बड़ा बाजार है, जबकि India ब्रिटेन में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है.

ब्रिटेन में India के उच्चायुक्त पेरियासामी कुमारन ने कहा कि तकनीकी सहयोग दोनों देशों के संबंधों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

उन्होंने कहा, “भारतीय आईटी उद्योग ब्रिटेन के बाजार के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है. यह उच्च गुणवत्ता वाली नौकरियां पैदा कर रहा है, स्थानीय प्रतिभाओं को विकसित कर रहा है, नवाचार को बढ़ावा दे रहा है और ब्रिटेन की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है. एआई में अग्रणी बनने की होड़ में लगी दुनिया में भरोसा कायम करना और सहयोगात्मक नवाचार बेहद महत्वपूर्ण होंगे.”

काउंसिल के शुभारंभ के साथ ही एक रिपोर्ट भी जारी की गई, जिसमें बताया गया कि India की प्रमुख बड़ी तकनीकी कंपनियां ब्रिटेन में 35,000 से अधिक नौकरियों का समर्थन कर रही हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, इन कंपनियों के स्थानीय कर्मचारियों में से लगभग 62 प्रतिशत लोग लंदन के बाहर कार्यरत हैं. इससे ब्रिटेन की क्षेत्रीय विकास नीति को भी मजबूती मिल रही है.

ये कंपनियां स्थानीय प्रतिभाओं में निवेश कर रही हैं, उच्च मूल्य वाली नौकरियां पैदा कर रही हैं और ग्रेटर मैनचेस्टर, साउथ यॉर्कशायर, बर्मिंघम, रीडिंग, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड जैसे क्षेत्रों में डिजिटल क्षमताओं का विकास कर रही हैं.

नैसकॉम के अध्यक्ष राजेश नांबियार ने कहा कि भारत-ब्रिटेन तकनीकी साझेदारी अब केवल व्यावसायिक संबंधों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह दोनों देशों की आर्थिक वृद्धि, नवाचार और डिजिटल परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक स्तंभ बन चुकी है.

उन्होंने कहा, “ब्रिटेन टेक्नोलॉजी एडवाइजरी काउंसिल उद्योग और Government को एक साझा मंच प्रदान करेगी, जहां वे भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़े अवसरों और चुनौतियों पर मिलकर काम कर सकेंगे.”

डीबीपी