
जम्मू, 20 जून . जम्मू-कश्मीर के उपGovernor ने सुरक्षा की पूरी समीक्षा के बाद गांदरबल जिले के प्रसिद्ध नारनाग मंदिर को श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए फिर से खोलने का फैसला किया है.
उपGovernor के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर जारी पोस्ट में कहा गया, “यह फैसला स्थानीय लोगों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए बड़ी राहत भरा है. नारनाग मंदिर लंबे समय से बंद रहने के कारण इलाके की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई थी.
इससे पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष एवं जम्मू-कश्मीर के पूर्व Chief Minister डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने नारनाग मंदिर को पर्यटकों के लिए खोलने की मांग की थी. डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने नारनाग के दौरे के दौरान स्थानीय निवासियों से बातचीत की थी. लोगों ने उन्हें बताया कि पहलगाम त्रासदी के बाद पर्यटन स्थल के बंद रहने से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गई हैं. स्थानीय लोगों की मुश्किलों को देखते हुए डॉ. फारूक ने आश्वासन दिया था कि उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली Government शेष बंद पड़े पर्यटन स्थलों को जल्द से जल्द खोलने के लिए सक्रिय प्रयास कर रही है.
नारनाग मंदिर के फिर से खुलने से स्थानीय दुकानदारों, होटल व्यवसायियों, टैक्सी चालकों और अन्य पर्यटन से जुड़े लोगों को नई उम्मीद जगी है. मंदिर के खुलने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां फिर से तेज होंगी.
इसी बीच Saturday को कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच 9,000 से अधिक तीर्थयात्री जम्मू शहर से कश्मीर घाटी के गांदरबल जिले में आयोजित सालाना माता खीर भवानी मेले के लिए रवाना हुए. इनमें अधिकांश कश्मीरी पंडित शामिल थे.
विधायक देवयानी राणा, डीआईजी श्रीधर पाटिल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने जम्मू में तीर्थयात्रियों को हरी झंडी दिखाई. जम्मू-कश्मीर रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की लगभग 200 बसों से तीर्थयात्रियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कश्मीर घाटी पहुंचाया जा रहा है.
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एससीएच/
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