हनुमानगढ़ी परिसर में पढ़ी गई थी नमाज, सीढ़ियों पर ‘नहीं’ : बृजभूषण शरण सिंह

अयोध्या, 22 जुलाई . भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने Wednesday को हनुमानगढ़ी को लेकर दिए अपने पहले के बयान पर सफाई देते हुए कहा कि नमाज हनुमानगढ़ी मंदिर की सीढ़ियों पर नहीं बल्कि मंदिर परिसर के 52 बीघा क्षेत्र के भीतर अदा की गई थी. उन्होंने कहा कि उनके पहले के बयान को अधूरा समझा गया और उन्होंने केवल उस सवाल का जवाब दिया था, जिसमें मीडिया ने सीढ़ियों पर नमाज पढ़े जाने के बारे में पूछा था.

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि मीडिया ने उनसे सीधा सवाल किया था कि क्या हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ी गई थी? इस पर उन्होंने स्पष्ट रूप से ‘नहीं’ कहा था.

उन्होंने कहा, “मीडिया का सवाल बहुत सीधा था कि क्या हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ी गई थी. मैंने इसका साफ इनकार किया. हां, मुझे यह भी स्पष्ट करना चाहिए था कि सीढ़ियों पर नहीं, लेकिन मंदिर परिसर के 52 बीघा क्षेत्र के भीतर या किसी संत के स्थान पर नमाज पढ़ी गई थी, यह अलग बात है. जब मुझसे सीढ़ियों पर नमाज पढ़ने के बारे में पूछा गया तो मैं इस सवाल से ही हैरान था और मैंने साफ तौर पर इसे नकार दिया.”

भाजपा नेता ने हनुमानगढ़ी के निर्माण को लेकर दिए अपने पुराने बयान पर भी स्पष्टीकरण दिया. उन्होंने कहा कि उनका यह कहना कि ‘हनुमानगढ़ी का निर्माण एक मुस्लिम ने कराया था’ अधूरा बयान था और इसे ऐतिहासिक तथा धार्मिक संदर्भ में समझने की जरूरत है.

उन्होंने कहा, “मैंने कहा था कि इसका निर्माण एक मुस्लिम ने कराया था, लेकिन वह पूरी बात नहीं थी. अगर ‘अयोध्या माहात्म्य’ को देखें तो भगवान शिव माता पार्वती से कहते हैं कि अयोध्या के मुख्य द्वार के उत्तर दिशा में भगवान हनुमान और दक्षिण दिशा में सुग्रीव विराजमान हैं. जब स्वयं भगवान शिव हनुमानगढ़ी के अस्तित्व का वर्णन करते हैं, तो यह किसी व्यक्ति द्वारा बनाई गई इमारत नहीं हो सकती. यह एक गढ़ी यानी किलेनुमा धार्मिक स्थल है.”

बृजभूषण शरण सिंह की यह सफाई ऐसे समय आई है, जब हनुमानगढ़ी से जुड़े उनके बयानों को लेकर Political विवाद तेज हो गया है. अयोध्या के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल हनुमानगढ़ी के इतिहास और उसकी पवित्रता को लेकर विभिन्न Political दलों के बीच बहस जारी है.

इसी महीने राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बाद अयोध्या दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए Samajwadi Party और कांग्रेस पर निशाना साधा था. बीकापुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए Chief Minister ने आरोप लगाया था कि Samajwadi Party की पिछली Governmentों के दौरान हनुमानगढ़ी मंदिर की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी.

Chief Minister योगी ने कहा था, “क्या कोई जामा मस्जिद के अंदर हनुमान चालीसा का पाठ करा सकता है? क्या Samajwadi Party या कांग्रेस की कोई Government ऐसा कर सकती है? फिर उन्होंने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ने देने जैसा पाप क्यों किया?”

यह पूरा विवाद वर्ष 2003 की उस घटना से जुड़ा है, जब हनुमानगढ़ी के पास नमाज पढ़े जाने के दावे को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा हो गया था. अब बृजभूषण शरण सिंह के नए स्पष्टीकरण के बाद इस मुद्दे पर Political बहस एक बार फिर तेज हो गई है.

पीएम