जल संकट से निपटने के लिए नदी जोड़ो परियोजनाओं में तेजी लाने की जरूरत: नैनार नागेंद्रन

चेन्नई, 30 मई . तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने देशभर में नदी जोड़ो (रिवर लिंकिंग) परियोजनाओं को तेजी से लागू करने की मांग दोहराते हुए कहा है कि बढ़ते जल संकट से निपटने और राज्यों के बीच जल संसाधनों का संतुलित वितरण सुनिश्चित करने के लिए यह बेहद जरूरी है.

Saturday को जारी एक बयान में नागेंद्रन ने केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का उल्लेख करते हुए इसे राज्यों के बीच सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बताया. यह परियोजना Madhya Pradesh की केन नदी के अतिरिक्त जल को उत्तर प्रदेश के सूखा प्रभावित बेतवा बेसिन तक पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई गई है.

उन्होंने कहा कि नदियों को आपस में जोड़ना अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि देश के भविष्य के लिए आवश्यकता बन गया है. उनके अनुसार, तमिलनाडु समेत सभी राज्यों को व्यापक राष्ट्रीय हित में ऐसी परियोजनाओं का पूरा समर्थन करना चाहिए.

नागेंद्रन ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi लगातार देशभर में जल संसाधनों के संतुलित और प्रभावी उपयोग की वकालत करते रहे हैं. उन्होंने कहा कि Prime Minister का मानना है कि जल की कमी वाले क्षेत्रों तक पानी पहुंचाना कृषि उत्पादन, औद्योगिक विकास और पेयजल सुरक्षा के लिए आवश्यक है.

भाजपा नेता ने Gujarat के Chief Minister के रूप में Narendra Modi के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि नर्मदा नदी जल वितरण नेटवर्क के विस्तार ने यह साबित किया कि बड़े स्तर की जल प्रबंधन योजनाएं सूखा प्रभावित क्षेत्रों की तस्वीर बदल सकती हैं और लोगों के जीवन स्तर में सुधार ला सकती हैं.

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर नदी जोड़ो योजना की परिकल्पना पूर्व Prime Minister अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली Government के दौरान की गई थी. इस महत्वाकांक्षी योजना में महानदी, कृष्णा, पेन्नार, कावेरी, वैगई और तामिराबरानी जैसी प्रमुख नदियों को जोड़ने के साथ-साथ गंगा और ब्रह्मपुत्र बेसिनों को भी जोड़ने का प्रस्ताव शामिल था, ताकि देशभर में जल का अधिक संतुलित वितरण हो सके.

नागेंद्रन ने कहा कि कानूनी और प्रशासनिक बाधाओं के कारण इन परियोजनाओं में लंबे समय तक देरी हुई, लेकिन वर्षों की न्यायिक प्रक्रिया और नीतिगत चर्चाओं के बाद इन्हें आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल माहौल बना है. उन्होंने कहा कि केंद्र Government ने कृषि, उद्योग और घरेलू उपयोग के लिए जल उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं.

तमिलनाडु की जल संकट संबंधी चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य काफी हद तक उन नदियों पर निर्भर है, जिनका उद्गम दूसरे राज्यों में है. ऐसे में दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल साझेदारी से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं में निवेश और राज्यों के बीच बेहतर सहयोग जरूरी है.

उन्होंने कहा, “नदी जोड़ो परियोजनाओं को राष्ट्रीय प्राथमिकता के तौर पर देखा जाना चाहिए. ये बार-बार पड़ने वाले सूखे से निपटने, कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कुंजी हैं.”

डीएससी