वंदे मातरम विधेयक के विरोध पर बोले एन. रामचंद्र राव, कहा-राष्ट्रगीत का विरोध करना दुर्भाग्यपूर्ण

हैदराबाद, 21 जुलाई . संसद का मानसून सत्र Monday से शुरू हो रहा है. सत्र के दौरान राज्यसभा में संविधान और राष्ट्रगान के अपमान से संबंधित संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा. इस बीच तहरीक मुस्लिम शब्बान इस विधेयक का विरोध करने की पूरी तैयारी में है, जिसे लेकर तेलंगाना भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने चिंता व्यक्त की है.

एन. रामचंद्र राव ने Monday को से बातचीत के दौरान कहा कि तहरीक मुस्लिम शब्बान द्वारा राज्यसभा में वंदे मातरम विधेयक का विरोध करने की कोशिश करना दुर्भाग्यपूर्ण है. वंदे मातरम सिर्फ एक गीत नहीं बल्कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है.

उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत आज देश का राष्ट्रगीत है और आजादी की लड़ाई के समय इसने लाखों युवाओं में देशभक्ति की भावना जगाई थी.

भाजपा नेता ने कहा कि India की पहचान ही विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों को साथ लेकर चलने की रही है. ऐसे में तहरीक मुस्लिम शब्बान द्वारा धार्मिक आधार पर वंदे मातरम का विरोध करना उचित नहीं है. राव ने कहा कि अगर कोई यह कहता है कि वह इस भूमि या देश में विश्वास नहीं रखता और केवल धार्मिक आस्था के आधार पर राष्ट्रगीत का विरोध करता है, तो यह देश की परंपरा के खिलाफ है.

उन्होंने कहा कि India में हर धर्म के लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम में योगदान दिया है. मौलाना अबुल कलाम आजाद समेत कई मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया और अपना योगदान दिया. उन्होंने कहा कि देशभक्ति किसी धर्म विशेष से जुड़ी नहीं होती.

उन्होंने कहा कि वंदे मातरम कोई धार्मिक गीत नहीं है बल्कि यह देश की महानता और मातृभूमि के सम्मान को दर्शाने वाला राष्ट्रगीत है. इसके शब्दों ने आजादी के आंदोलन के दौरान लोगों में नई ऊर्जा और उत्साह पैदा किया था. उन्होंने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक गीत का विरोध करना स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने कहा कि राष्ट्र और उसकी पहचान से जुड़े विषयों पर राजनीति से ऊपर उठकर विचार किया जाना चाहिए.

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