मेरा बेटा फुटबॉलर बनना चाहता है, तुषार कपूर ने बेटे के करियर को लेकर किया खुलासा

Mumbai , 28 जुलाई . Bollywood Actor तुषार कपूर ने फ़िल्मी दुनिया में अपने 25 साल पूरे कर लिए हैं. इस लंबे सफर में उन्होंने सफलता भी देखी और असफलता भी, लेकिन जब बात उनके बेटे लक्ष्य कपूर के भविष्य की आती है, तो उनका साफ कहना है कि वह अपना कोई भी फैसला उस पर थोपना नहीं चाहते.

तुषार ने कहा कि हर इंसान को वही काम चुनना चाहिए, जिसे करने का उसके अंदर सच्चा जुनून हो. उन्होंने बताया कि उनका बेटा फिल्मों में नहीं, बल्कि फुटबॉल में अपना करियर बनाना चाहता है और वह उसकी इस पसंद का पूरा सम्मान करते हैं.

को दिए इंटरव्यू के दौरान तुषार कपूर ने अपने बेटे लक्ष्य कपूर के करियर को लेकर खुलकर बात की. उन्होंने कहा, ”लक्ष्य की दिलचस्पी इस समय फुटबॉल में है और उसका सपना फुटबॉलर बनने का है. मैं चाहता हूं कि मेरा बेटा उसी फील्ड में आगे बढ़े, जहां उसकी दिलचस्पी है. India में फुटबॉल में करियर बनाना आसान नहीं है, लेकिन अगर लक्ष्य पूरी मेहनत और लगन से आगे बढ़ेगा तो मैं उसका पूरा साथ दूंगा.”

तुषार ने कहा, ”अगर लक्ष्य भविष्य में Actor बनने का फैसला भी करता है तो उसे पहले पूरी तरह यह समझना होगा कि यह आसान पेशा नहीं है. अभिनय में आने के लिए सिर्फ नाम या पहचान काफी नहीं होती, बल्कि इसके लिए जुनून, मेहनत और हर मुश्किल का सामना करने का हौसला भी होना चाहिए. अगर कोई इन चुनौतियों के लिए तैयार नहीं है तो उसे इस प्रोफेशन में कदम नहीं रखना चाहिए.”

Actor ने फिल्मी परिवारों के बच्चों को लेकर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा, ”अक्सर लोग मान लेते हैं कि फिल्मी परिवार के बच्चे मजबूरी में Actor बनते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. मेरे पिता (जितेंद्र) ने कभी मुझ पर Actor बनने का दबाव नहीं डाला. इसी तरह धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन जैसे बड़े सितारों ने भी अपने बच्चों को इस पेशे में आने के लिए मजबूर नहीं किया. हर व्यक्ति को अपने मन से फैसला लेना चाहिए कि उसे किस क्षेत्र में जाना है.”

तुषार कपूर ने कहा, ”अब समय के साथ फिल्म इंडस्ट्री को लेकर लोगों की सोच भी बदली है. पहले जितना आसान यह पेशा बाहर से दिखाई देता था, असल में उतना आसान कभी नहीं रहा. अभिनय में सफल होने के लिए टैलेंट, अच्छी स्क्रीन प्रजेंस, मेहनत, सब्र और संघर्ष करने की ताकत बेहद जरूरी होती है. इसके अलावा किस्मत भी अहम भूमिका निभाती है. अगर किसी को शुरुआत से ही अच्छे संकेत नहीं मिल रहे हैं, तो उसे समय रहते दूसरा रास्ता चुन लेना चाहिए.”

उन्होंने कहा, ”फिल्मों की दुनिया में हर किसी के लिए जगह नहीं होती. इसलिए सिर्फ किसी को देखकर या ग्लैमर से प्रभावित होकर इस क्षेत्र में नहीं आना चाहिए. जो लोग पूरी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ आते हैं, वही लंबे समय तक टिक पाते हैं.”

तुषार कपूर ने 1 जून 2016 को सरोगेसी के जरिए बेटे लक्ष्य कपूर का स्वागत किया था. इसके साथ ही वह Bollywood के पहले सिंगल फादर बने थे. तुषार अक्सर अपने बेटे के साथ तस्वीरें और वीडियो social media पर साझा करते रहते हैं.

पीके/